कहानी "बाबूजी का चश्मा" प्रेम गुप्ता 'मानी' द्वारा लिखी गई है, जिसमें एक महिला अपने घर के कामों को निपटाने की सोच रही होती है। वह कई महीनों से टाँड़ पर रखे बर्तनों और रद्दी अखबारों की सफाई करने का मन बनाती है। तभी उसे फोन आता है, जिसमें उसकी माँ उसे बताती है कि उसके बाबूजी फिर से सनक गए हैं और ठीक से नहीं बैठ रहे हैं। लेखिका जब माँ के घर पहुँचती है, तो उसे बाबूजी की स्थिति देखकर आश्चर्य होता है। बाबूजी ने डाइनिंग टेबल को एक बगीचे में बदल दिया है, जिसमें भगवान की मूर्तियाँ और गमले हैं। लेखिका अपनी माँ की ओर देखती है और महसूस करती है कि उनके बीच का संबंध और माँ का व्यक्तित्व बदल चुका है। कहानी में रिटायरमेंट के बाद बाबूजी की मानसिक स्थिति और परिवार में उनके बदलाव को दर्शाया गया है, साथ ही माँ के प्रति लेखिका की भावनाएं भी उभरती हैं। यह कहानी परिवार के सदस्यों के बीच के रिश्तों और जीवन के बदलावों की गहनता को उजागर करती है। बाबूजी का चश्मा प्रेम गुप्ता 'मानी' द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 7.2k 2.2k Downloads 11.1k Views Writen by प्रेम गुप्ता 'मानी' Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बाबूजी का चश्मा प्रेम गुप्ता ‘मानी’ सुबह के नौ बजे थे। आलोक ऑफ़िस चले गए थे और आशू कॉलेज...। मैं खाली होकर सोच रही थी कि आज घर के कुछ एक्स्ट्रा काम निपटाऊँगी। कई महीनों से टाँड़ पर रखे बर्तनों को नहीं देखा। उनकी साफ़-सफ़ाई करके जो पुराने और बेकार होंगे, उन्हें बेचने के लिए अलग रख दूँगी। बेकार सामान घर में रख कर काम का बोझ बढ़ाना ही होता है। नवीन मार्केट का कुमार बर्तनवाला पुराने बर्तनों के भी अच्छे दाम लगा देता है...। इसके अलावा बरामदे के एक कोने में रद्दी अख़बारों का More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी