ज़ईम बिना कुछ कहे वहां से चला गया, जिससे मायरा और एजाज एक-दूसरे को देखते रह गए। कुछ दिनों तक मायरा ने ज़ईम की डांट का इंतज़ार किया, लेकिन वह चुप रहा। मायरा ने उसकी आँखों में कुछ महसूस किया। एक दिन एजाज ने मायरा से पूछा कि वह उदास क्यों है, तो उसने कहा कि उसे घर की याद आ रही है। एजाज ने उसे घर जाने का सुझाव दिया, लेकिन मायरा ने कहा कि उसके पेपर एक महीने बाद हैं। इसी बीच, ज़ईम ने कहा कि शायान मसूरी जाने वाला है और एजाज ने उसे लापरवाह कहा। जब मायरा ने कॉलेज जाने की तैयारी की, तो एजाज ने ज़ईम से कहा कि वह उसे कॉलेज तक छोड़ दे। मायरा अकेले जाने पर जिद कर रही थी, लेकिन ज़ईम ने उसे अकेले जाने से मना कर दिया। कार में बैठने पर ज़ईम ने मायरा से कहा कि वह उसका ड्राइवर नहीं है, जिससे मायरा चुपचाप आगे की सीट पर बैठ गई। रास्ते में खामोशी रही। कॉलेज के गेट पर उतरते समय ज़ईम ने पूछा कि उसका कॉलेज कब खत्म होता है, और उसने बताया कि 1:15 बजे। मायरा ने सोचा कि वह ज़ईम का इंतजार नहीं करेगी, लेकिन थोड़ी देर बाद ज़ईम उसकी कार लेकर आया और कहा कि उसे उससे कुछ बात करनी है। मेरे दिल का हाल अन्तिम भाग Shaihla Ansari द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 15.4k 6.5k Downloads 12.2k Views Writen by Shaihla Ansari Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ज़ईम कुछ कहे बिना वहां से चला गया और वो दोनों एक दूसरे का मुंह देखते रह गए।............. . .........................................अगले कुछ दिन मायरा इंतज़ार करती रही कि ज़ईम उसे डाटेेेगा लेकिन उसने कुछ नही कहा हाँ अलबत्ता मायरा ने उसकी आँखों मे ज़रूर कुछ पढ़ा था।वो कहते है ना औरत किसी भी मर्द की आँँखों को बखूबी पढ़ सकती है।।"क्या हुआ मायराा... इतनी उदास क्यों हो""कुछ नही अंकल,,,,,,,,,,बस ज़रा घर की याद आ रही है""तो कुछ दिनों के लिए घर हो आओ बेटा""1 महीने बाद पेपर है,,,, तारीख भी आ चुकी है अब कुछ दिनों के लिए घर जा कर Novels मेरे दिल का हाल क्या बात है अम्मी ये सब किसके लिए बनाया जा रहा है.... खुशबू तो बहुत अच्छी आ रही है मायरा ने रसोई में आते हुए एक लंबी सांस लेते हुए कहा !! तुम्हारे एज... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी