कहानी "शकबू की गुस्ताखियां" प्रदीप श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है। इसमें एक व्यक्ति अपनी सुबह की दिनचर्या में एक नए फाइव स्टार होटल के विज्ञापन को पढ़ते हुए अपने पुराने दोस्त शकीबुल्लाह की यादों में खो जाता है। विज्ञापन में खूबसूरत तस्वीरें और शहर के विकास की बात की गई है, जिससे उसे खुशी मिलती है। लेकिन जैसे ही उसे शकबू की याद आती है, उसकी खुशी मिट जाती है और वह दुखी हो जाता है। शकबू, जो उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, को याद करते हुए वह अपने दुख को महसूस करता है। वह अपने जीवन के अनुभवों और अपने करियर की समाप्ति पर विचार करता है। शकबू की ज़िंदगी में किए गए कुछ पागलपन भरे निर्णयों पर वह सोचता है, जैसे कि उसकी उम्र में एक युवा लड़की से शादी करना। यह कहानी दोस्ती, यादों और जीवन के उतार-चढ़ावों के बारे में है, जिसमें अतीत की यादें व्यक्ति को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। शकबू की गुस्ताखियां - 1 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4k 3.7k Downloads 9.3k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुबह पढ़ने के लिए पेपर उठाया तो नज़र शहर में एक नए फाइव स्टार होटल के खुलने के विज्ञापन पर ठहर गई। पेपर के पहले पूरे पेज़ पर एक बेहद खूबसूरत युवती की नमस्ते की मुद्रा में बहुत ही प्रभावशाली फोटो थी। और होटल के ग्रुप का नाम छोटा सा एकदम नीचे दिया गया था। पहला पेज़ खोलते ही अंदर पूरे पेज पर होटल के सबसे ऊपरी मंजिल का दृश्य था। पंद्रहवीं मंजिल पर स्वीमिंग पूल का। फ़ोटो ऐसे एंगिल से ली गई थी कि वहां से नीचे अंबेडकर पार्क का विहंगम दृश्य बहुत लुभावना लग रहा था। अंग्रेजी और हिंदी के बेहद प्रतिष्ठित अखबारों में छपे इस विज्ञापन ने सुबह-सुबह कुछ देर तो एक अजीब सी खुशी, प्रसन्न्ता दी, कि हमारा शहर कहां से कहां पहुंच गया है। Novels शकबू की गुस्ताखियां सुबह पढ़ने के लिए पेपर उठाया तो नज़र शहर में एक नए फाइव स्टार होटल के खुलने के विज्ञापन पर ठहर गई। पेपर के पहले पूरे पेज़ पर एक बेहद खूबसूरत युवती की नमस... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी