यह कहानी "माई जनते" के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बेवा महिला है, जो अपने पति के निधन के बाद अपनी दो जवान बेटियों की देखभाल करती है। पति की मृत्यु के बाद, बेटियों को चार दीवारी में रखा गया था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें कुछ आज़ादी मिल गई। माई जनते धार्मिक और पारंपरिक महिला हैं, जो कुरान की तिलावत और नमाज में व्यस्त रहती हैं। कहानी में यह भी बताया गया है कि माई जनते का पति अपनी बेटियों की शिक्षा के खिलाफ था और उनकी शादी जल्दी कराना चाहता था। लेकिन उनकी अचानक मृत्यु से परिवार में उदासी छा गई। बेटियों ने अपनी माँ से कॉलेज में दाखिला दिलाने की इल्तिजा की, और अंततः माई जनते ने उन्हें एक महिला कॉलेज में दाखिल करवा दिया। माई जनते ने वादा किया कि वह रोज़ उन्हें कॉलेज छोड़ने और लाने का काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा जरूरी है, लेकिन बेटी की सुरक्षा के प्रति उनकी निगरानी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, कहानी माँ के प्यार, पारिवारिक परंपराओं और सामाजिक दबावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश पर केंद्रित है। माई जनते Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 3.2k 3.2k Downloads 11k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण माई जनते स्लीपर ठपठपाती घिसटती कुछ इस अंदाज़ में अपने मैले चकट में दाख़िल हुई ही थी कि सब घर वालों को मालूम हो गया कि वो आ पहुंची है। वो रहती उसी घर में थी जो ख़्वाजा करीम बख़्श मरहूम का था अपने पीछे काफ़ी जायदाद एक बेवा और दो जवान बच्चियां छोड़ गया था आदमी पुरानी वज़ा का था। जूंही ये लड़कियां नौ दस बरस की हुईं उन को घर की चार दीवारी में बिठा दिया और पहरा भी ऐसा कि वो खिड़की तक के पास खड़ी नहीं हो सकतीं मगर जब वो अल्लाह को प्यारा हुआ तो उन को आहिस्ता आहिस्ता थोड़ी सी आज़ादी हो गई अब वह लुक छुप के नावेल भी पढ़ती थीं। Novels मंटो की विवादित कहानियां “मेरी तो आप ने ज़िंदगी हराम कर रखी है…. ख़ुदा करे मैं मर जाऊं।” “अपने मरने की दुआएं क्यों मांगती हो। मैं मर जाऊं तो सारा क़िस्सा पाक हो जाएगा...... कहो... More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी