सपूतों की शहादत daya sakariya द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

सपूतों की शहादत

daya sakariya द्वारा हिंदी कविता

निभाके फर्ज़ चुकाके कर्ज हो गए शहीद शहादत मेंये देश के सपूत जवान कूर्बा हुए भारतमाँ की मुहब्बत मेंकिसीने छोड़ा है माँ का आँचल तो किसीने शर से बाप की छाँव खोई हैकिसीकी हुई है गोद सूनी तो कोई ...और पढ़े


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