कहानी "नियति" में शिखा अपने गृह प्रवेश के समय बहुत असहज महसूस कर रही है। वह भारी साड़ी और असुविधाजनक कपड़ों में है, जिससे उसे गर्मी और थकान महसूस हो रही है। उसकी बहन शालिनी उसकी स्थिति समझती है और सुषमा से बात करने की हिम्मत नहीं कर पाती। सुषमा शिखा को आराम करने की सलाह देती है और उसे हल्के कपड़े पहनने के लिए कहती है। कमरे में पहुंचकर शिखा ने राहत की सांस ली और हल्का कपड़ा पहनकर लेट गई। उसे खाना खिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत थोड़ी ठीक हुई। शालिनी उसे समझाती है कि रोहन अब उसका पति है और उसे धीरे-धीरे सब कुछ समझने की कोशिश करनी चाहिए। जब शिखा जागती है, तो उसे अपने नए ससुराल में अकेलापन महसूस होता है और उसकी मां की याद आती है। वह नीचे जाती है, जहां सुषमा और रोहन खाना खा रहे होते हैं। सुषमा उसे देखकर उसे खाना खाने के लिए कहती है, जबकि शिखा का मन नहीं होता, लेकिन वह अपनी तबीयत के लिए थोड़ा खा लेती है। यह अध्याय शिखा के नए जीवन की चुनौतियों और भावनाओं को दर्शाता है। नियति - 7 Seema Jain द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 91.5k 12.1k Downloads 24.6k Views Writen by Seema Jain Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गृह प्रवेश करते हुए शिखा का दिल कच्चा सा हो रहा था । जल्दबाजी में सिलाए गए ब्लाउज में वह बहुत असहज महसूस कर रही थी। साड़ी भी बहुत भारी थी, एक तो साड़ी पहने की आदत नहीं और जब पहनी तो इतनी भारी की लटकी जा रही थी। गर्मी के कारण पसीना पसीना हो रही थी । सुबह से कुछ खाया भी नहीं था पित्त से बन रहे थे । उसे लग रहा था घर में और भी रस्में करनी होंगी, कैसे कर पाएगी। शालिनी उसकी हालत समझ रही थी लेकिन सुषमा से बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी। लड़की अब पराई लगने लगी थी, जैसे उसका शिखा पर कोई हक नहीं रह गया था। Novels नियति शिखा की सबसे प्रिय सखी दीपा उसे बार-बार अपनी बहन रिया की शादी के लिए इंदौर चलने का आग्रह कर रही थी । शिखा जानती थी अगर विवाह समारोह भोपाल में होता तो... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी