वो दूसरी औरत Neelam Kulshreshtha द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

वो दूसरी औरत

Neelam Kulshreshtha मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

वो दूसरी औरत [नीलम कुलश्रेष्ठ ] बरसों से कहूं या युगों से किसी ने उसकी सुध नहीं ली .वह आज तक गुमनामी के अँधेरे में हैं. .जन्म देने वाली माँ तो शब्दों ,कलाओं की कूचियों ,भाषणों केफूलहारपहनती ...और पढ़े