इस कहानी में सुकेतु ने जानबूझकर मुग्धा को अपने घर बुलाया ताकि वह अपनी मां और मुग्धा को एक-दूसरे से मिलवा सके। सुकेतु की मां ने मुग्धा के लिए लंच तैयार किया और दोनों ने मिलकर खाना खाया। लंच के दौरान सुकेतु की मां ने मुग्धा से उसके जीवन के बारे में पूछा, लेकिन अन्य कोई बात नहीं की। लंच के बाद, सुकेतु ने मुग्धा को दर्शन के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने चार साल इंतज़ार करने की बात की। मुग्धा चिंतित हो गई क्योंकि वह जानती थी कि यह इंतज़ार लंबा हो सकता है और इसके बाद भी कानूनी प्रक्रियाएं होंगी। सुकेतु ने उसे भरोसा दिलाया कि वे एक-दूसरे का साथ निभाएंगे। इसके बाद, सुकेतु ने एक संभावना का जिक्र किया कि अगर सौरभ लौट आए। मुग्धा ने कहा कि उसने सौरभ के लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन वह इस बारे में सोचने से भी कतराती थी। अंत में, दोनों ने तय किया कि जो भी होगा, वे मिलकर सामना करेंगे। तुम मिले - 5 Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 28.6k 3.8k Downloads 8.1k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तुम मिले (5)सुकेतु ने जानबूझ कर मुग्धा को अपने घर पर मिलने बुलाया था। अब तक मुग्धा और उसकी माँ एक दूसरे से नहीं मिली थीं। दोनों ने सिर्फ सुकेतु से एक दूसरे के बारे में सुना भर था। सुकेतु चाहता था कि दोनों आपस में मिल कर एक दूसरे को समझने का प्रयास करें।सुकेतु अपनी माँ के दिल को अच्छी तरह जानता था। ऊपर से चाहें ना दिखाएं पर मुग्धा के बारे में जान कर उनका दिल द्रवित हो गया था। यह जान कर कि मुग्धा दोपहर Novels तुम मिले सुकेतु के जीवन में मुग्धा का प्रवेश किसी ठंडे झोंके की तरह था। पर मुग्धा के साथ एक तप्त अतीत भी था। क्या था वह अतीत ? कैसे दोनों मिलकर उस अतीत के भंवर... More Likes This राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी