यह कहानी एक व्यक्ति की आत्म-परख और जीवन के उतार-चढ़ाव पर आधारित है। वह अपनी भावनाओं की सुनने की बात करती है और कहती है कि यदि उसने बड़े लोगों की बात सुनी होती, तो शायद अब तक ऊँचाई पर होती। वह अपने बचपन की यादों को ताजा करती है, जब वह खेल-कूद में मस्त रहते थे और परिवार के साथ बिताए गए खुशनुमा लम्हों को याद करती है। कहानी में यह भी बताया गया है कि जीवन में खुश रहने के लिए अक्सर हम दूसरों को दुखी कर देते हैं और अपने स्वार्थ में खो जाते हैं। वह एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती है, यह सोचते हुए कि छोटी-छोटी बातें किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। अंत में, वह खुद की तलाश में है और यह सोचती है कि जीवन का उद्देश्य क्या है। कहानी में यह संदेश है कि हमें अपनी भावनाओं को समझना चाहिए और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। पूरे दिल से Ritu Dubey द्वारा हिंदी महिला विशेष 2.1k 2.2k Downloads 9.7k Views Writen by Ritu Dubey Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अपने दिल की बात ही तो सुनती हूँ, तभी तो इस जगह खड़ी हूँ ... More Likes This चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अनकही मोहब्बत - 6 द्वारा Kabir इंतेक़ाम - भाग 17 द्वारा Mamta Meena तन्हाई - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik शंम्मो जान भाग- 1 द्वारा Lakshmi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी