कमरे की स्थिति और सामान सुव्यवस्थित था, जिससे किसी झडप का आभास नहीं हो रहा था। टेबल पर दो कप चाय रखी हुई थी, जो बिना पीये ही थीं। पुलिस ने नौकरों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने नहीं बताया कि चाय किसने लायी। आनंद की मृत्यु की सूचना मिलने पर, एक अज्ञात डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया, लेकिन उसका नाम और कार का नंबर कोई नहीं जानता था। पुलिस को यह भी संदेह था कि आनंद ने चाय पीने के बाद बेडरूम में क्यों जाकर लिखना शुरू किया। कोई भी यह नहीं बता सका कि उस समय वहाँ और कौन था। मामले की जाँच के लिए खोजी कुत्ते का प्रयोग किया गया, जिसने एक कचरे के ढेर के पास जाकर भौंका। वहां एक टूटा हुआ कप और प्लेट मिली, जिसे फोरेंसिक ने जप्त कर लिया। विक्रम सरकार ने घटनाक्रम का एक खाका तैयार किया, जिसमें आनंद का गौरव के घर जाना, वापस लौटना, और फिर उनकी मृत्यु के समय की गतिविधियाँ शामिल थीं। घटनाक्रम में रमेश नामक नौकर की चिल्लाने की आवाज़ और आनंद के दोस्तों को सूचना देने की बातें भी शामिल थीं। मामले में अब कई प्रश्न अनुत्तरित थे, जिससे स्थिति और संदिग्ध हो गई थी। रात ११ बजे के बाद --भाग ३ Rajesh Maheshwari द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 5.9k 2.9k Downloads 9.3k Views Writen by Rajesh Maheshwari Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हुये थे एवं कमरे में रखा हुआ सारा सामान सुव्यवस्थित था इससे प्रतीत हो रहा था कि कमरे में किसी प्रकार की कोई झडप भी नही हुयी। टेबल पर दो कप चाय रखी हुयी थी जिसमें चाय वैसी की वैसी ही रखी हुयी थी जैसे किसी ने पी नही हो। पुलिस ने नौकरों से पूछताछ के दौरान यह जानना चाहा कि चाय कौन लेकर आया था। यह जानकर सब हैरान रह गये कि सभी नौकरों ने कहा कि वे चाय लेकर नही आये। अब चाय किसके लिये आयी थी और कौन व्यक्ति ऊपर पहुँचा इसकी जानकारी भी किसी नौकर को Novels रात के ग्यारह बजे के बाद राकेश और गौरव गहन सदमे की स्थिति में थे उन्हें विश्वास नही हो रहा था कि उनका मित्र आनंद अब इस दुनिया में नही हैं। राकेश ने गौरव से कहा कि मानव जीवन बह... More Likes This जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी