नाइका अपने पिता से अत्याचार की बात कहने का मौका तलाश रही है, लेकिन उसे अवसर नहीं मिल रहा। इस बीच, प्रीति उसे नरेंद्र से मिलने के लिए ले जाती है। नाइका ने खुद से वादा किया है कि वह अब केवल अपने लिए जियेगी, लेकिन उसके मन में अपने पिता की सेहत और नरेंद्र के लिए चिंता बढ़ रही है। वह सोचती है कि यदि उसने आज नहीं बोला, तो शायद कभी नहीं बोल पाएगी और जिंदगी भर यातनाएं सहन करनी पड़ेंगी। वह प्रीति का इंतजार करती है और जब प्रीति आती है, तो उसे तैयार होने को कहती है। नाइका अपनी मां को कोचिंग सेंटर जाने का बहाना बताकर प्रीति के साथ चली जाती है। वह नरेंद्र से मिलने के लिए बहुत उत्सुक है और महसूस करती है कि पहले उसने उसकी अहमियत नहीं समझी थी, लेकिन अब वह उसके दुखों का मरहम बन गया है। सर्दी का मौसम और बारिश की संभावना के बीच, नाइका तेजी से उस पहाड़ी खंडहर तक पहुंचती है जहां नरेंद्र है। वह नरेंद्र को देखकर भावुक हो जाती है और अपने आंसू पोंछकर उसके सामने खड़ी होती है। नरेंद्र की उदासी उसे महसूस होती है, और उनकी आंखों के बीच एक गहरा संवाद चल रहा होता है। दास्तान-ए-अश्क - 12 SABIRKHAN द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 64.5k 3.7k Downloads 9.1k Views Writen by SABIRKHAN Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण (अगले पार्ट में हमने देखा की नाइका खुद पर हुए अत्याचार को अपने पिता से कहने के लिए मौके की तलाश में है! मगर वह मौका ही नहीं मिल रहा! तभी प्रीति आकर उसे नरेंदर से मिलवा ने ले जाती है.. अब आगे..! ) ------------------------ बहुत मशक्कत से उसने खुद को संभाला!अपने आप से ही एक फैसला किया !वादा किया !आज के बाद वो सिर्फ अपने लिए जियेगी! जैसे जैसे समय गुजर रहा था उसके मन का बोझ बढ़ने लगा..! पापा जी से बात करनी थी ,और उसे अब तक मौका ही नहीं मिला था!पापा जी की Novels दास्तान-ऐ अश्क आज से आपके लिए पेश कर रहा हूं एक ऐसी लडकी की कहानी जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी मुश्किले चट्टानों की तरह उसकी जिंदगी में थी , मगर वो अपनी प... More Likes This राहें - 11 द्वारा shiromani mathur द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 द्वारा kanta सीक्रेट:वो लड़की - 3 द्वारा kanta पांच वादों की दुल्हन - भाग 1 द्वारा kanta अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp devine जिस जीवन में तुम थे - 5 द्वारा SHREYA INDUSHREE गांव की वह शाम द्वारा Akanksha Dubey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी