मेरे अनकहे जज्बात। - अकेला पथिक Mr Un Logical द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

मेरे अनकहे जज्बात। - अकेला पथिक

Mr Un Logical द्वारा हिंदी कविता

यह वसुधा न तो कभी किसी की थी न ही यह किसी की है ।सब तो हैं बस एक पथिक जिनको अपने हिस्से का जीना है ।जब तक तन में सांस चलता है इस जीवन का प्रमाण ...और पढ़े


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