कहानी "करोगे कितने और टुकड़े" में प्रदीप श्रीवास्तव ने आजादी से पहले के धार्मिक उन्माद और उसके परिणामों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि जब कुछ कट्टरपंथियों ने खिलाफत के लिए आंदोलन शुरू किया, तब बड़ी राजनीतिक पार्टी ने इसके दुष्परिणामों को नजरअंदाज किया और अपनी सत्ता बढ़ाने में लगी रही। महात्मा गांधी जैसे महान नेताओं ने भी तुष्टिकरण की नीति को अपनाया, जिससे देश में विभाजन की प्रक्रिया शुरू हुई। श्रीवास्तव ने बताया कि इस तुष्टिकरण ने समाज को बहुत नुकसान पहुँचाया है, लेकिन स्वार्थी तत्व इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कुछ ऐसे लोगों का उल्लेख किया, जैसे मौलवी चेकन्नूर और प्रोफेसर टी.एस जोजेफ, जो सच बोलने के कारण मारे गए, लेकिन मीडिया ने उनकी आवाज को अनसुना किया। लेखक ने अपनी चिंताओं को साझा किया कि कैसे मीडिया और संचार माध्यम सच को छिपाने में लगे रहते हैं। उन्होंने दादरी प्रकरण का उदाहरण दिया, जहाँ सच सामने आने के बावजूद सब चुप रहे। अंत में, उन्होंने सुझाव दिया कि पूजा स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने चाहिए, ताकि समाज में अप्रिय घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। कहानी धार्मिक कट्टरता, तुष्टिकरण और समाज में असहिष्णुता के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश देती है। करोगे कितने और टुकड़े - 2 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 6.9k 3.4k Downloads 10k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सही मायने में यह आजादी से पहले जब धर्मांधता के वशीभूत कुछ लोगों ने खिलाफत के लिए आंदोलन शुरू किया तो तब की सर्वेसर्वा बड़ी पार्टी, इससे देश को होने वाले नुकसान को लेकर आंखें मूंदे रही। उसे अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने, सर्वेसर्वा बने रहने का जुनून था। लेकिन तब तक के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति जो धर्मांधता, सांप्रदायिकता के कट्टर विरोधी थे पता नहीं किस कारण से शांत रहने की बात छोड़िए बराबर इस आंदोलन की शुरुआत करने वाले अली बंधुओं को समर्थन देते रहे। Novels करोगे कितने और टुकड़े जिस विकट अंतर्द्वंद से आज गुजर रहा हूं, अपनी अब तक की पचहत्तर साल की उम्र में पहले कभी नहीं गुजरा था। तब भी नहीं जब देश में आपातकाल लगाया गया। और तब भ... More Likes This वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी