इस कहानी में एक व्यक्ति पुल के नीचे गोमती नदी के किनारे पर खड़ा है, जहां वह नशेड़ी लोगों के समूह और एक गोताखोर को देखता है। गोताखोर ने कुछ समय पहले डुबकी लगाई थी, लेकिन वह खाली हाथ लौट आया है। जब कहानीकार पूछता है कि क्यों, तो गोताखोर बताता है कि नदी बहुत गहरी है और उसे शव को खोजने में कठिनाई हो रही है। कहानीकार गुस्से में आ जाता है लेकिन अपने आप को संभालता है। वह नशेड़ियों के बीच बैठ जाता है और पता चलता है कि शव निकालने के लिए गोताखोरों को पैसे की आवश्यकता होती है। नशेड़ियों का कहना है कि अगर पैसे दिए जाएं, तो शव जल्दी निकाल दिया जाएगा। कहानीकार इस बात से नाराज होता है कि गोताखोर बिना पैसे के शव नहीं निकालते, और यह सोचता है कि क्या मृतक के परिवार ने पहले ही पैसे दिए थे। कहानी एक सामाजिक समस्या की ओर इशारा करती है, जहां जीवन और मृत्यु के मामलों में भी भ्रष्टाचार और मांग स्थापित है। जब वह मिला - 3 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 21.2k 3.2k Downloads 7.5k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक इंसान जो अब इस दुनिया में नहीं रहा उसके शरीर पर भी खिलवाड़, प्रतिशोध, वार। यह सोचते-सोचते मैं पुल के नीचे छाया में पहुंच गया। गोमती की धारा पुल से काफी आगे बीचो-बीच थी। वहां पांच-छः लोग और भी थे जो दीवार के सहारे टेक लगाए बैठे थे, ये गांजा, भांग, चरस, स्मैक का नशा करने वाले वह नशेड़ी टाइप के लोग थे, जो हनुमान सेतु मंदिर, इस पुल के बीच मंडराया करते हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों से जो कुछ खाने-पीने को और पैसे मिल जाते है उन्हीं से पेट भरते हैं और नशे का जुगाड़ करते हैं। मैं उन सबसे चार क़दम पहले खड़ा सोच ही रहा था कि क्या करूं तभी देखा गोताखोर भी वहीं आ कर बैठ गया। Novels जब वह मिला उस दिन जेठ महिने का तीसरा बड़ा मंगल था। इस दिन लखनऊ के सभी हनुमान मंदिरों पर विशेष पूजा-अर्चना होती है। सुबह से ही मंदिरों पर भक्तों का तांता लग जाता ह... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी