अल्फाज़ अनकहे से... सोनू समाधिया रसिक द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

अल्फाज़ अनकहे से...

सोनू समाधिया रसिक Verified icon द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

अल्फाज़ अनकहे से.... "बाबू! उठिए, देखो सुबह हो गई है। लो, चाय पीलो।" - अनन्या ने अभिषेक से उसकी रजाई खींचते हुए कहा। अनन्या अभिषेक के नौकरानी की बेटी थी, वह अभिषेक की हमउम्र थी। उसका काम सुबह की सिफ्ट मे ...और पढ़े