इस कहानी में मुख्य पात्र, जो धीरज सोमवंशी से मिलते हैं, राजनीतिक विषयों पर अपनी राय व्यक्त करते हैं। वे सभी राजनीतिक पार्टियों और नेताओं को एक समान मानते हैं और उनका मानना है कि नेता केवल वोट के लिए काम करते हैं। उन्हें लगता है कि पिछले सत्तर वर्षों में गरीबी खत्म करने के लिए केवल नारे दिए गए हैं, जबकि वास्तव में गरीबों की संख्या बढ़ती जा रही है। वे किसी विशेष नेता या पार्टी के बजाय व्यक्ति विशेष की बात करते हैं, जैसे स्वच्छता अभियान के नेता को वे एक साधारण व्यक्ति की तरह देखते हैं। धीरज के साथ बातचीत में, वे कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त करते हैं। वे मानते हैं कि हालात पहले सही थे, लेकिन अब स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। उदाहरण के तौर पर, वे नवंबर 2014 की घटना का उल्लेख करते हैं जब सेना को आतंकियों को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा और इसके बाद विपक्ष ने सेना की कार्रवाई की आलोचना की। अंत में, वे यह बताते हैं कि जांच के बाद सेना सही साबित हुई, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक दबाव ने स्थिति को और खराब किया। इस प्रकार, कहानी राजनीति की वास्तविकता और नेता की भूमिका पर विचार करती है। पगडण्डी विकास - 2 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4k 3k Downloads 6.9k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उस की इस बात पर मैं हंस पडा़। इस बीच उसने अपना परिचय भी दिया था। अपना नाम धीरज सोमवंशी बताया था। मैंने हंसते हुए ही कहा-‘धीरज जी मैं किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं रखता। मुझे ये सारी पार्टियां और नेता सबके सब एक से लगते हैं। क्यों कि मैं यह मानता हूं कि ये जो भी करते हैं वह वोट के लिए करते हैं। उनकी पार्टी को वोट कैसे मिले, वो कैसे जीतें यही उनका मकसद होता है। बस फ़र्क इतना है कि कोई कम है कोई ज़्यादा। Novels पगडण्डी विकास हाय दिल्ली की सर्दी कह कर ठंड से कुड़कुड़ाने वाले लोग अगर एक बार महोबा के रेलवे स्टेशन पर रात गुजार लें, तो निश्चित ही कहेंगे ‘हाय महोबा की सर्दी। इससे... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी