यह कहानी एक बुढ़िया की है जो गाँव में दाई का काम करती है और एक तूफानी रात में अपने घर में अकेली है। बारिश के कारण वह जर्जर झोपड़ी में अपने पैरों को बचाते हुए इंतजार कर रही है। तभी उसे दरवाजे पर किसी के खटखटाने की आवाज सुनाई देती है। दरवाजे के बाहर रामकिशन की पत्नी खड़ी होती है, जो अपनी जेठानी के बारे में जानकारी देती है कि उसे बच्चा नहीं हो रहा और वह बहुत घबराई हुई है। बुढ़िया को मौसम और अंधेरे का डर होता है, लेकिन वह मदद के लिए तैयार होती है। यह कहानी भय और साहस, और जीवन और मृत्यु के बीच की कड़ी को दर्शाती है। प्रेत संतति सोनू समाधिया रसिक द्वारा हिंदी डरावनी कहानी 198.4k 3.8k Downloads 12k Views Writen by सोनू समाधिया रसिक Category डरावनी कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ये कहानी सत्य घटना पर आधारित है । एक ऐसी घटना जिसमें होता है प्रेत की संतान का जन्म ........ More Likes This 1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA गुरूजी के मार्गदर्शन में - 1 द्वारा H.k Bhardwaj यह कैसा अहसास - भाग 1 द्वारा H.k Bhardwaj Raat ka Raja - Part 1 द्वारा Sandhya Devi अजनबी - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अधूरी किताब - सीजन 2 - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 2 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी