भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे, जिन्होंने मात्र 23 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर शहर के बंगा गांव में हुआ। भगत सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लाहौर के डी.ए.वी स्कूल से प्राप्त की और 1921 में स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से शामिल हो गए। उन्होंने लाहौर के नैशनल कॉलेज में पढ़ाई जारी रखी, जहाँ उनका संपर्क कई प्रमुख नेताओं से हुआ। भगत सिंह ने क्रांतिकारी तरीके से ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और असेंबली में बम फेंककर स्वयं को गिरफ्तार कर लिया, ताकि लोगों का ध्यान स्वतंत्रता आंदोलन की ओर आकर्षित किया जा सके। उनका मकसद था कि भारतीय जनता को यह एहसास हो कि आजादी प्राप्त की जा सकती है। भगत सिंह की विचारधारा समाजवाद पर आधारित थी और उन्होंने ‘जनता का स्वराज जनता के लिए’ का नारा दिया। 23 मार्च 1931 को उन्हें फांसी दी गई, जबकि उनकी फांसी की तिथि 24 मार्च निर्धारित थी। उनकी मृत्यु के बाद, उनके शरीर को उनके परिवार को नहीं सौंपा गया, जिससे उनके परिवार पर गहरा दुख छा गया। भगत सिंह का अंतिम गीत ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ था, जो उनकी देशभक्ति और बलिदान को दर्शाता है। उन्होंने एक सपना देखा था- आजादी का, जो आज हम सभी जी रहे हैं। उनकी शहादत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक नया मोड़ लाया और आज भी वे एक प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। शहीदे आजम भगतसिंह Asha Rautela द्वारा हिंदी लघुकथा 8.7k 1.8k Downloads 6.6k Views Writen by Asha Rautela Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शहीदे आजम भगतसिंह भारत को स्वतंत्र कराने में न जाने कितने वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। वे सीने में गोली खाते, दर्द सहते चुपचात मौत की आगोश में सो गए, ताकि हम लोग जाग सकें। देश को स्वतंत्र कराने का सबका तरीका भले ही अलग हो किंचित भावना एक ही थी अपनी मातृभूमि से असीम प्रेम। भगत सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं,एक ऐसा नाम जिन्होंने आजादी के महासंग्राम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसा जांबाज, जो मात्रा 23 साल की उम्र में नींद की गोद में सो गया। वो छोटा-सा बच्चा जो सिर्फ प्यार करना जानता था, More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी