इस कहानी में एक लड़की हॉस्टल से घर जाने की खुशी का अनुभव कर रही है। वह अपनी माँ से मिलने और उनके हाथ का खाना खाने के लिए उत्सुक है। वह सोचती है कि घर पहुंचते ही वह अपनी माँ को गले लगाएगी और उनके साथ बचपन की बातें करेगी। बस स्टॉप पर, वह अन्य लड़कियों और एक बुजुर्ग व्यक्ति को देखती है, जो अपनी माँ से नाराजगी जाहिर कर रहा है, जिससे उसे आश्चर्य होता है कि कोई अपनी माँ से ऐसे कैसे बात कर सकता है। तभी एक लगभग सत्तर साल की बुजुर्ग महिला उसके पास आती है और उससे बातचीत करने लगती है। वह बताती है कि उसका बेटा आ रहा है और वह उसके लिए आलू के पराठे बना रही है। वह अपने बेटे की माँ के प्रति लगाव और प्यार को साझा करती है, यह बताते हुए कि उसका बेटा उसकी बिना नहीं रह सकता। बुजुर्ग महिला की बातें सुनकर लड़की को यह एहसास होता है कि वह भी अपनी माँ के प्रति कितना लगाव रखती है। कहानी में, बुजुर्ग महिला की आँखों में आंसू आ जाते हैं जब वह अपने बेटे के लिए अपनी भावनाएँ व्यक्त करती है। अंत में, एक और बुजुर्ग महिला आती है और उसे ले जाती है, जिससे लड़की सोच में पड़ जाती है कि वह कौन थी। इस कहानी में माँ-बेटे के रिश्ते की गहराई और प्यार को दर्शाया गया है। अम्मा. aateka Valiulla द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 18.9k 2.6k Downloads 11.3k Views Writen by aateka Valiulla Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हॉस्टल से घर जाने का मज़ा ही कुछ और होता है... पता है क्यों..?क्यों की घर पे माँ होती है... कितने दिनों बाद में आज घर जाउंगी...माँ के हाथ का खाना खाऊँगी, घर पे पोहचते ही माँ को कस के गले से लगा लुंगी...और दो तीन पप्पीया भी ले लुंगी.. तू कभी बड़ी नही होगी सिमा,बच्चो जैसी हरकते करती है ..माँ हमेशा की तरह यही बात बोलेगी.. बच्चे कभी माँ के लिए बड़े थोड़ी होते हैं माँ,माँ के लिए तो बच्चे छोटे ही रहते हैं..में तो हमेशा ऐसी ही हरकते करुँगी बच्चो वाली ..और में हमेशा की तरह वही लाईन बोलूंगी.. More Likes This राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी