प्रीति अपने दीदी के पास रोते हुए आती है और कहती है कि वह एक लड़के से शादी नहीं करना चाहती, क्योंकि वह लड़का ठीक नहीं है। प्रीति बताती है कि वह लड़का किन्नरों के साथ रहता है और अजीब हरकतें करता है। उसकी दीदी उसे समझाती है कि शायद उनकी मां पैसों की लालच में उसकी शादी वहां कर रही है। प्रीति अपनी दीदी से मदद मांगती है कि वह उसके लिए कुछ करें। दीदी अपने पिता से बात करती है और उनसे आग्रह करती है कि वे काका जी को समझाएं कि प्रीति की शादी उस लड़के से न हो। पिता काका जी से बात करते हैं, और काका जी बताते हैं कि वे बहुत गरीब हैं और प्रीति उनकी बच्चों की देखभाल कर सकती है। प्रीति उनकी बातों पर आपत्ति जताती है, कहती है कि क्या वह अपनी बेटी की बलि देना चाहते हैं। इस बीच, दादा जी वहां आते हैं और प्रीति की बातें सुनकर उसे डांटते हैं, लेकिन फिर उसकी भावना की सराहना करते हैं और आश्वासन देते हैं कि वह काका जी से बात करेंगे। प्रीति को दादा जी की बात सुनकर सुकून मिलता है, लेकिन वह चिंतित है कि दादा जी क्या करेंगे। दास्तान-ए-अश्क - 9 SABIRKHAN द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 42.8k 4k Downloads 12.4k Views Writen by SABIRKHAN Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण (अगले पार्ट में हमने देखा कि प्रीति रोती हुई उसके पास आती है और कहती है कि मुझे बचा लो !वह लड़का उसके लिए ठीक नहीं था!अब आगे) रोते बिलखते प्रीति उसके सीने से लिपट कर कहती है दीदी मुझे बचा लो...! मुझे यह शादी नहीं करनी है..?घबराकर वह पूछती है ! क्या हुआ प्रीति ?क्या बात है? दीदी वह लड़का अच्छा नहीं है? वह लड़का किन्नरों के संग गाता बजाता है अजीब सी हरकतें करता रहता है..! तुझे यह बात किसने बताई..? संजीदगी से उसने पूछा था!मेरी ताई जी की छोटी बेटी ने यह बात मुझे बताइ है! Novels दास्तान-ऐ अश्क आज से आपके लिए पेश कर रहा हूं एक ऐसी लडकी की कहानी जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी मुश्किले चट्टानों की तरह उसकी जिंदगी में थी , मगर वो अपनी प... More Likes This अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp devine जिस जीवन में तुम थे - 5 द्वारा SHREYA INDUSHREE गांव की वह शाम द्वारा Akanksha Dubey सफ़ेद शॉल - 1 द्वारा SHREYA INDUSHREE नम आँखे - 5 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein अम्मा - 3 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein गोदान : शब्दार्थ सहित - भाग 1 द्वारा Shivam Kumar Pandey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी