इस कहानी में प्रदीप अपने पिता के साथ समय बिताते हुए उनके परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति उनके बदलते व्यवहार को लेकर चिंतित है। पिता अब अपने बेटों के बारे में बात करने से कतराते हैं, जबकि पहले वे बच्चों के साथ ज्यादा बातचीत करते थे। प्रदीप को लगता है कि पिता अकेले और बिना देखभाल के हैं, इसलिए वह उनकी मदद करने का निर्णय लेता है। हालांकि, पिता प्रदीप की चिंता को नकारते हैं और उसे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहते हैं। प्रदीप घर में कुछ दिन रुकता है, उनके स्वास्थ्य की देखभाल करता है, लेकिन पिता की मानसिकता को समझने में असमर्थ रहता है। प्रदीप यह महसूस करता है कि पिता के अन्य बेटे उनकी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ चुके हैं और उन्हें समय नहीं दे रहे हैं। कहानी के अंत में, प्रदीप अपने पिता को बड़े भाई के पास रहने या उनके साथ चलने का सुझाव देता है, ताकि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। लेकिन पिता इस पर गुस्सा होते हैं और अपनी आत्मनिर्भरता का दावा करते हैं। इस प्रकार, प्रदीप अपने पिता की चिंता और परिवार के संबंधों की जटिलताओं के बीच संघर्ष करता है। मेरी जनहित याचिका - 3 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.4k 4.5k Downloads 10.3k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पापा के साथ खाना खाते समय मेरी बातें होती रहीं। मैंने देखा कि पापा दोनों भाइयों के बारे में बात करने के इच्छुक नहीं हैं। वही पापा जो पहले बच्चों की बात करते नहीं थकते थे। पापा खाना खाकर लेटे और जल्दी ही सो गए। मैं थका था। लेकिन इन्हीं सब बातों को लेकर मन में चल रही उलझन के कारण नींद नहीं आ रही थी। दोनों भाइयों, भाभी और अनु की बातें घूम रही थीं। उन सारी बातों का मन में एक विश्लेषण सा होने लगा। Novels मेरी जनहित याचिका आम की बाग को आखिरी बार देखने पूरा परिवार गया था। मेरा वहां जाने का मन बिल्कुल नहीं था। मां-पिता जिन्हें हम पापा-अम्मा कहते थे, की जिद थी तो चला गया। प... More Likes This जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी