बलवंत सिंह मजेठिया Saadat Hasan Manto द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

बलवंत सिंह मजेठिया

Saadat Hasan Manto Verified icon द्वारा हिंदी लघुकथा

शाह साहब से जब मेरी मुलाक़ात हुई तो हम फ़ौरन बे-तकल्लुफ़ हो गए। मुझे सिर्फ़ इतना मालूम था कि वो सय्यद हैं और मेरे दूर-दराज़ के रिश्तेदार भी हैं। वो मेरे दूर या क़रीब के रिश्तेदार कैसे हो सकते ...और पढ़े