इस कहानी में लेखक की शाह साहब से मुलाक़ात का वर्णन किया गया है। लेखक को पता चलता है कि शाह साहब सय्यद हैं और उनके रिश्तेदार हैं। दोनों के बीच बे-तकल्लुफ़ी बढ़ जाती है, विशेषकर जब शाह साहब को पता चलता है कि लेखक एक अफ़्साना निगार हैं। शाह साहब लेखक की कुछ किताबें पढ़ते हैं और उनकी तारीफ करते हैं। शाह साहब अपने परिवार के साथ रहते हैं और उनके पास एक गैराज है जहाँ वे अपनी बैठक का इंतज़ाम करते हैं। एक दिन, जब वे अफ़्सानों के बारे में बात कर रहे होते हैं, शाह साहब लेखक को बताते हैं कि उनकी ज़िंदगी में कुछ ऐसे वाक़िए हैं जिन्हें वह अफ़्साने के रूप में पेश कर सकते हैं। लेखक शाह साहब से उम्मीद करता है कि वे कुछ दिलचस्प बातें साझा करेंगे। शाह साहब कहते हैं कि वे अफ़्साना निगार नहीं हैं, लेकिन उनकी ज़िंदगी में एक ऐसा वाक़िया है जो काबिल-ए-ज़िक्र है और जो लेखक के लिए हैरत-अंगेज़ हो सकता है। लेखक को उनकी बातों में दिलचस्पी होती है और वह जानने के लिए उत्सुक है कि शाह साहब कौन सा वाक़िया साझा करने जा रहे हैं। कहानी में संवाद और रिश्तों की गहराई का विशेष ध्यान दिया गया है, जो पाठक को आगे के घटनाक्रम के लिए उत्सुक बनाता है। बलवंत सिंह मजेठिया Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 27.8k 4.2k Downloads 10.9k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शाह साहब से जब मेरी मुलाक़ात हुई तो हम फ़ौरन बे-तकल्लुफ़ हो गए। मुझे सिर्फ़ इतना मालूम था कि वो सय्यद हैं और मेरे दूर-दराज़ के रिश्तेदार भी हैं। वो मेरे दूर या क़रीब के रिश्तेदार कैसे हो सकते थे, इस के मुतअल्लिक़ मैं कुछ नहीं कह सकता। वो सय्यद थे और मैं एक महज़ कश्मीरी। बहर-हाल, उन से मेरी बे-तकल्लुफ़ी बहुत बढ़ गई। उन को अदब से कोई शग़फ़ नहीं था। लेकिन जब उन को मालूम हुआ कि मैं अफ़्साना निगार हूँ तो उन्हों ने मुझ से मेरी चंद किताबें मुस्तआर लीं और पढ़ीं। Novels मंटो की बदनाम कहानियाँ - पार्ट २ लाहौर से बाबू हरगोपाल आए तो हामिद घर का रहा ना घाट का। उन्हों ने आते ही हामिद से कहा। “लो भई फ़ौरन एक टैक्सी का बंद-ओ-बस्त करो।” हामिद ने कहा। “आप ज़रा... More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी