थकी जिन्दगी Bhupendra kumar Dave द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

थकी जिन्दगी

Bhupendra kumar Dave द्वारा हिंदी लघुकथा

थकी जिन्दगी बुढ़ापा आने पर एक बात की खुशी होती है कि हम मृत्यु के नजदीक पहुँच गये होते हैं। दाँत गिरना, बाल झरना, आँख में मोतियाबिन्दी होना, शरीर के जोड़ों में दर्द होना, रह रह कर चिड़चिड़ाना ...और पढ़े

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