उपन्यास "अपनी अपनी मरीचिका" में, लेखक भगवान अटलानी ने एक छात्र के संघर्ष को दर्शाया है, जो मेडीकल कॉलेज में रैगिंग के खिलाफ है। कहानी की शुरुआत 3 अक्टूबर, 1950 को होती है, जब चीफ प्रॉक्टर छात्र को अपने कमरे में बुलाते हैं और उससे सवाल करते हैं कि वह क्या चाहता है। छात्र अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताता है कि वह रैगिंग को नाजायज मानता है और यह नहीं चाहता कि वरिष्ठ छात्रों द्वारा कनिष्ठ छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया जाए। चीफ प्रॉक्टर छात्र की बातों को नजरअंदाज करते हुए रैगिंग को एक सामान्य प्रक्रिया मानते हैं, जिसमें नए छात्रों को कॉलेज के तौर-तरीकों से परिचित कराया जाता है। छात्र अपनी निडरता के साथ प्रॉक्टर की दलीलों का जवाब देता है, जिससे प्रॉक्टर frustrate हो जाते हैं। कहानी में एक मोड़ तब आता है जब एक वरिष्ठ छात्र कमरे में प्रवेश करता है, जिससे छात्र को अपनी बात रोकनी पड़ती है। यह दृश्य छात्र के लिए संघर्ष और डर को दर्शाता है, जो रैगिंग के खिलाफ अपनी आवाज उठाने की कोशिश कर रहा है। कहानी इस विचार पर केंद्रित है कि शिक्षा के माहौल में रैगिंग जैसी प्रथाओं का क्या स्थान है और किस तरह से एक छात्र अपनी नैतिकता के लिए खड़ा होता है। अपनी अपनी मरीचिका - 6 Bhagwan Atlani द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 11.8k 3.3k Downloads 7.3k Views Writen by Bhagwan Atlani Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 3 अक्टूबर, 1950 तीन दिन पहले चीफ़ प्रॉक्टर ने मुझे अपने कमरे में बुलाया। प्रवेश करते ही आक्रामक तरीके से उन्होंने मुझ पर सवाल दाग दिया, ‘‘आखिर तुम चाहते क्या हो?' ‘‘कुछ नहीं, सर।' ‘‘फिर यह हंगामा क्यों मचाया हुआ है तीन महीनों से?' ‘‘मैंने तो ऐसा कुछ नहीं किया है, सर।' ‘‘तो किसने किया है?' Novels अपनी अपनी मरीचिका शायद ही कोई ऐसा धंधा करने वाला दुकानदार होगा जिसे लोग कई नामों से पुकारते हों। उसे हेय दृष्टि से देखते हों। नाम सुनकर मुँह बिचका देते हों। लेकिन मेरे... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी