एक विलक्षण चित्रकार Bhupendra kumar Dave द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

एक विलक्षण चित्रकार

Bhupendra kumar Dave द्वारा हिंदी लघुकथा

एक विलक्षण चित्रकार मैं एक हाथ में लाठी लिये जमीन को टटोलता और दूसरे हाथ को फेंसिंग दीवार पर सरकाता जा रहा था। मुझे फेंसिंग दीवार का अंत ही नजर नहीं आ रहा था। शायद इस ओर फाटक ...और पढ़े