मूर्ति Nirpendra Kumar Sharma द्वारा आध्यात्मिक कथा में हिंदी पीडीएफ

मूर्ति

Nirpendra Kumar Sharma द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा

आज फिर खाना नहीं बना फूलो?? हारा थका लालू झोंपड़ी के बाहर ठंडे चूल्हे को गीली आंखों से देखता हुआ बोला। कहाँ से बने कित्ते दिन है गए तुम कुछ लाये कमा के फूलो तुनकती हुई बोली। क्या करूँ ...और पढ़े