यह कहानी सैयद जी की भावनाओं और यादों के इर्द-गिर्द घूमती है। वह शहर के पत्रकारों की बातों को सुनकर गुस्से में आ जाते हैं और एक पुराने मित्र प्रदीप मुखर्जी की यादों में खो जाते हैं। प्रदीप, जो कि एक युवा और विचारशील व्यक्ति था, ने मार्क्सवाद पर गहरे विचार किए और उसे व्यक्तिवादी मार्क्सवादी कहा। उसकी सोच और विश्लेषण ने लोगों को प्रभावित किया था, लेकिन उसके जीवन में भी कई संघर्ष थे। वह अपने परिवार की परेशानियों और समाज में हो रही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहा, जिससे वह नशे की गिरफ्त में आ गया। सैयद जी, प्रदीप की वीरता और उसकी कठिनाइयों को याद करते हैं, साथ ही यह भी बताते हैं कि कैसे विनोद मिश्र ने उसे चेतावनी दी थी कि वह एक खतरनाक रास्ते पर चल रहा है। अंत में, यह कहानी प्रदीप की संघर्षशीलता और विचारशीलता की गवाही देती है। काश आप कमीने होते ! - 8 uma (umanath lal das) द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 6.2k 2.6k Downloads 8.4k Views Writen by uma (umanath lal das) Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण और इधर शहर के पत्रकारों रमेंद्र जी, दयाल जी, पी चौबे आदि की सारी रामकहानी सुमन जी से सुनकर - जानकर तो असहाय से हो गए सैयद जी के रगों मे ज्वार आ गया था उस दिन। लगता था कि उनका बस चले तो अभी उन छिछोरों को गोली मार दें। गोली उनके जहन में यूं ही नहीं कौंधती है। उन्हें याद है कि जवानी के दिनों में लघु पत्रिका ‘वाम’में छपी आलोकधन्वा की कविता ‘गोली दागो पोस्टर‘ को प्रदीप मुखर्जी के साथ मिलकर झरिया की दीवारों पर किश्तों में लिखा था, यहां-वहां। प्रसाद जी, सुमन जी, सिन्हा जी को उन्होंने इस कामरेड प्रदीप की ट्रेजेडी सुनाई थी कि कैसे 20-22 साल का वह युवा दास कैपीटल, घोषणापत्र, एंटी ड्यूहरिंग... आदि को छान कर पी गया था। कैसे अभी शहर में उपन्यासकार बने फिरनेवाले रिटायर्ड प्रशानिक अधिकारी ने उसके घर में पहुंच बना ली थी। Novels काश आप कमीने होते ! पाठकों की आश्वस्ति के लिए मैं यह हलफनामा नहीं दे सकता कि कहानी के पात्र, घटनाक्रम, स्थान आदि काल्पनिक हैं। किसी भी तरह के मेल को मैं स्थितियों का संयो... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी