आफ़िया सिद्दीकी का जिहाद कहानी में, अमजद और उसकी पत्नी आफ़िया एफ.बी.आई. के इंटरव्यू के लिए वकील के दफ्तर पहुँचते हैं। प्रारंभ में, एफ.बी.आई. के अधिकारी उनसे हल्की-फुल्की बातें करते हैं, जिससे अमजद निश्चिंत होता है। लेकिन जब आधिकारिक बातचीत शुरू होती है, तो अधिकारी आफ़िया से उसके बुर्के को हटाने के लिए कहते हैं, जिस पर आफ़िया अपने धार्मिक अधिकार का हवाला देती है। अधिकारी उसे एक समझौता देते हैं कि वह अपने बुर्के को इस तरह पहने कि उनका चेहरा दिख सके। आफ़िया अंततः अपना चेहरा दिखाने के लिए तैयार हो जाती है। फिर अधिकारी अमजद से पूछते हैं कि उसके अपार्टमेंट में एक सउदी नागरिक कौन था, और अमजद बताता है कि वह उसके अस्पताल में काम करता था। अधिकारी यह भी पूछते हैं कि क्या उस सउदी के पास कोई आता था, जिस पर अमजद कहता है कि उसने कभी नहीं देखा। अंत में, अधिकारी अमजद से पूछते हैं कि उसने हाल ही में शिकार के सामान क्यों खरीदे, और अमजद बताता है कि यह पारिवारिक परंपरा है। कहानी में धार्मिक अधिकार, कानून, और व्यक्तिगत परंपराओं के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है। आफ़िया सिद्दीकी का जिहाद - 14 Subhash Neerav द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 10.3k 2.5k Downloads 6.6k Views Writen by Subhash Neerav Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अगले दिन वह निश्चित समय पर वकील के दफ़्तर पहुँच गए। तभी एफ.बी.आई. के वही दो अफ़सर जो कि अमजद को मिलकर गए थे, वहाँ आ पहुँचे। उन्होंने कुछ काग़ज़ों पर दोनों के दस्तख़्त करवाकर वकील की सहमति से इंटरव्यू शुरू कर दिया। प्रारंभ में वह कोई अधिक कठिन प्रश्न नहीं कर रहे थे। बल्कि वे बीच बीच में अमजद को ऐसे मजाक भी कर रहे थे जो कि आम लोग डॉक्टरों के बारे में करते रहते हैं। इस बात ने अमजद को निश्चिंत कर दिया कि कोई ख़तरे वाली बात नहीं है। फिर एक अफ़सर बोला, “मिस्टर और मिसेज अमजद, अब हम आफिशियल मीटिंग शुरू कर रहे हैं।“ Novels आफ़िया सिद्दीकी का जिहाद यह अफ़गानिस्तान का गज़नी शहर था। उस दिन वर्ष 2008 के जुलाई महीने की 17 तारीख़ थी। दिन भर बेइंतहा गरमी पड़ती रही थी। दिन ढलने लगा तो गरमी की तपिश भी कम हो... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी