कहानी "काश आप कमीने होते" उमानाथ लाल दास द्वारा लिखी गई है, जिसमें पत्रकारिता की कठिनाइयों और चुनौतियों को दर्शाया गया है। मुख्य पात्र सिन्हा जी हैं, जो अपने पेशेवर जीवन में संघर्ष कर रहे हैं। वह एक ऐसे पत्रकार हैं जो खबरों के प्रभाव और उनकी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हैं, लेकिन उन्हें अपने काम के प्रति निराशा और दबाव का सामना करना पड़ता है। कहानी में यह दिखाया गया है कि कैसे पत्रकारिता में यथार्थ को समझना और उसे सही तरीके से पेश करना महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी कि कैसे विज्ञापन और मार्केटिंग के दबाव में आकर पत्रकारों को अपने मूल्यों से妥妥 करना पड़ता है। सिन्हा जी अपनी स्थिति को बंधुआ मजदूर की तरह अनुभव करते हैं, जबकि उनके सहकर्मी उन्हें बंधुआ पत्रकार के रूप में देखते हैं। कहानी में यह भी चर्चा की गई है कि आजकल के युवा पत्रकार केवल पढ़ाई के आधार पर पत्रकार बनने का दावा करते हैं, जबकि वास्तविकता में पत्रकारिता के लिए अनुभव, साहस और नैतिकता की आवश्यकता होती है। अंततः, सिन्हा जी की स्थिति और उनके संघर्ष को दर्शाते हुए, यह कहानी पत्रकारिता की जटिलताओं और उसके मूल्यों के प्रति एक गहरा सवाल उठाती है। काश आप कमीने होते ! - 3 uma (umanath lal das) द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.2k 2.9k Downloads 8.4k Views Writen by uma (umanath lal das) Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लोगों को क्या मालूम कि सिन्हा जी चाट रहे हैं या झेल रहे हैं कोई फोड़ा जो फूटने का नाम नहीं ले रहा। यह कोफ्त भी तो हो सकती है उनकी, मवाद के नहीं बहने की। कामयाबी की पैमाइश इसी से होती है कि किस खबर का क्या इंपैक्ट रहा। ऐसे में उनकी राजूवाली ह्यूमन स्टोरी पर कहीं कार्रवाई. हो गई..तो स्साला ऐसे मे रोजी-रोटी के लिए तोमारा-मारा ही फिरेगा ना। कार्रवाई हो गई तो फिर तो राजू आईएसएम गेट के पासवाले गैरेज में न तो पंचर टायर बना सकता है और न ही स्टेशन की मोंछू चाय दुकान में कप-प्लेट ही धो सकता है। आटो हैंडल संभालनेवाले हाथ से यह सब कैसे होगा, ‘‘भोंसड़ी’ के जी भर के गाली देगा।‘ उसी की जबान में एक पंच लाईन चल पड़ती है उसके दिमाग की स्क्रीनपर। गाड़ी मालिक पर कार्रवाई होगी सो अलग। वैसे तो इस शहर में कानून की मुश्तैदी चार दिन की चांदनी है। Novels काश आप कमीने होते ! पाठकों की आश्वस्ति के लिए मैं यह हलफनामा नहीं दे सकता कि कहानी के पात्र, घटनाक्रम, स्थान आदि काल्पनिक हैं। किसी भी तरह के मेल को मैं स्थितियों का संयो... More Likes This कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी