कहानी "परी" में अनवर की मुलाकात परवेज़ नाम की एक महिला से होती है, जो उसे बेजान और मूली जैसी महसूस होती है। परवेज़ की सफेदी इतनी अदृश्य है कि वह ठंडी मूली की तरह लगती है। अनवर ने उसकी सुंदर आंखों को तो नोट किया, लेकिन उसके अन्य शारीरिक हिस्सों में नुक्ता चीनी करने के लिए बहुत कुछ था। परवेज़ की मुस्कान और उसके होंठों की लालिमा में एक अजीब सा तज़ाद है। जब परवेज़ अनवर से मिलती है, तो वह अपने कुत्ते के साथ कुर्सी पर बैठ जाती है और अपनी हल्की मुस्कान के साथ उससे बातें करती है, लेकिन अनवर को उससे कोई खुशी नहीं मिलती। वह सोचता है कि वह एक लड़की से मिला है या किसी और चीज़ से। परवेज़ की उपस्थिति उसे उलझन में डाल देती है और उसे यह समझने में कठिनाई होती है कि वह वास्तव में किससे मिल रहा है। कहानी में अनवर की विचारधारा और परवेज़ के प्रति उसकी प्रतिक्रिया को दर्शाया गया है, जो समाज में व्यक्तित्व और पहचान के मुद्दों के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। परी Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 12k 5.1k Downloads 14.6k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कश्मीरी गेट दिल्ली के एक फ़्लैट में अनवर की मुलाक़ात परवेज़ से हुई। वो क़तअन मुतअस्सिर न हुआ। परवेज़ निहायत ही बेजान चीज़ थी। अनवर ने जब उस की तरफ़ देखा और उस को आदाब अर्ज़ कहा तो उस ने सोचा “ये क्या है औरत है या मूली” परवेज़ इतनी सफ़ैद थी कि उस की सफेदी बेजान सी होगई थी जिस तरह मूली ठंडी होती है इसी तरह इस का सफ़ैद रंग भी ठंडा था। कमर में हल्का सा ख़म था जैसा कि अक्सर मूलियों में होता है। अनवर ने जब उस को देखा तो उस ने सबज़ दुपट्टा ओढ़ा हुआ था। ग़ालिबन यही वजह है कि उस को परवेज़ हूबहू मूली नज़र आई जिस के साथ सबज़ पत्ते लगे हों। Novels मंटो की दिलचस्प कहानियाँ मैं आज आप को चंद शिकारी औरतों के क़िस्से सुनाऊंगा। मेरा ख़याल है कि आप को भी कभी उन से वास्ता पड़ा होगा। मैं बंबई में था। फिल्मिस्तान से आम तौर पर बर्... More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी