कहानी "काश आप कमीने होते" में मुख्य पात्र सिन्हा जी हैं, जो एक समाचार पत्र के दफ्तर में काम करते हैं। वह अपने काम के प्रति बहुत समर्पित हैं, बावजूद इसके कि उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। वह हर दिन कई खबरों की कापी राइटिंग करते हैं, जबकि यह जरूरी नहीं है। काम के दबाव में, वह रात को अकेले बैठकर एक महत्वपूर्ण स्टोरी लिखने की कोशिश करते हैं, जो समाज में व्याप्त समस्याओं को उजागर करती है, जैसे शराब, व्यसन, तानाशाही और शोषण। सिन्हा जी के लिए कहानी का इंट्रो बनाना कठिन होता है, और वह कई पन्ने फाड़ते हैं। काम के बोझ और मानसिक तनाव के बावजूद, वह लिखने की कोशिश करते रहते हैं। रात की शांति में विचारों का प्रवाह होता है, लेकिन अंततः उन्हें लगता है कि अगर वह नहीं लिखते, तो कोई और लिख सकता है। वह अपने काम में उत्कृष्टता के लिए संघर्ष करते हैं, और इस प्रक्रिया में उनकी उदासी और निराशा भी झलकती है। कहानी पत्रकारिता के कठिनाइयों और सामाजिक मुद्दों को उजागर करती है, साथ ही यह भी दर्शाती है कि कैसे एक पत्रकार अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। काश आप कमीने होते ! - 2 uma (umanath lal das) द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.4k 3k Downloads 8.8k Views Writen by uma (umanath lal das) Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दुबारा शाम को भी सिन्हा जी उसी का प्रवचन सुनते हुए दफ्तर जाते। अखबार के दफ्तर में पांव पड़ते ही, दस मौडम और पांच ब्यूरो के फोन कान को चैन ही नहीं लेने देते। मुख्यालय के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग, डे प्लानर के हिसाब से आई खबरों की पड़ताल, डेस्क पर आई खबरों की स्टोरी लाईन, फिर कापी राइटिंग, वैल्यू एडीशन। ओहदा बढ़ने पर भी रोज कम से दो-तीन खबरों की कापी राइटिंग वह जरूर करते। जबकि इसकी जरूरत रह नही गई थी। जिम्मेवारी काफी बढ़ गई थी। इंटरनेट संस्करण के लिए खबर देना। खबरों को पढ़ने, संपादित करने के लिए बांटना। सेंट्रल डेस्क के काल्स पर ‘सर-सर’ करना सो अलग। Novels काश आप कमीने होते ! पाठकों की आश्वस्ति के लिए मैं यह हलफनामा नहीं दे सकता कि कहानी के पात्र, घटनाक्रम, स्थान आदि काल्पनिक हैं। किसी भी तरह के मेल को मैं स्थितियों का संयो... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी