कहानी "बेवजह" का यह भाग 3 है, जो एक काल्पनिक कथा है और इसका उद्देश्य किसी भी भाषा, प्रजाति या प्रान्त को ठेस पहुँचाना नहीं है। कहानी में कियान और जीविका के बीच बढ़ते रिश्ते पर ध्यान केंद्रित किया गया है। जीविका और उसकी मां अपने दर्द को छुपाते हुए मुस्कुराती हैं, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर है। कियान जीविका के शब्दों से प्रेरित होकर अपने सवालों के उत्तर खोजने की कोशिश कर रहा है। वहीं, जीविका की मां यह जानती है कि एक दिन ठाकुर उनके घर आएगा, और वह इस डर से घुट रही है। कियान जीविका के करीब आ रहा है, लेकिन जीविका की खामोशी उसकी भावनाओं को व्यक्त नहीं करने देती। एक दिन, जब कियान लकड़ियां लाने गया और जीविका सब्जियां लाने, तब जीविका की मां अकेली थी। तभी दरवाजे पर ठाकुर का आदमी आता है और कहता है कि आज उसे अपनी बेटी को तैयार रखना है। जीविका की मां इस बात से डर जाती है और रोते हुए ठाकुर के आदमी से गुहार लगाती है, लेकिन वह सुनता नहीं और चला जाता है। जीविका की मां एक पुराना संदूक खोलती है, जिसमें उसे अपने पति की तस्वीर मिलती है। वह अपनी helplessness को व्यक्त करते हुए कहती है कि वह अपनी बेटी को कैसे बचाएगी। यह कहानी समाज में व्याप्त अन्याय और अत्याचार के प्रति एक निंदा है। बेवजह... भाग ३ Harshad Molishree द्वारा हिंदी महिला विशेष 9.4k 6.1k Downloads 13.6k Views Writen by Harshad Molishree Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बेवजह... भाग ३इस कहानी का हेतु किसी भी भाषा, प्रजाति या प्रान्त को ठेस पोहचने के लिए नही है... यह पूरी तरह से एक कालपनित कथा है, इस कहानी का किसी भी जीवित या मृद व्यक्ति से की संबंध नही है, यह पूरी तरह से एक कालपनित कथा है जो कि जाति वाद, स्त्री भ्रूण हत्या, बलात्कार, जबरन और अवेद कब्ज़ा, आत्महत्या आधी के खिलाफ निंदा करते हुए यह कथा प्रदान की गई है.....अब तक...अब तक आपने इसके दूसरे भाग मै यह देखा कि कियान कैसे जीविका की और आकर्षित होता है, जीविका और उसकी मां अपने आप मे ही बहोत Novels बेवजह... बेवजह....भाग १....राजस्थान की जलाने देने वाली गर्मी मैं... एक लड़का जो महज १४ - १५ साल का होगा, सुनसान रास्ते पर लडखडाते हुए चल रहा है, पिघलादेने वाली... More Likes This एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 1 द्वारा Jyoti Prajapati चांदनी - 1 द्वारा Vandna Sharma ख़ाकी बिंदिया - भाग 1 द्वारा Shilpy Aggarwal फरामोश इश्क़ - 1 द्वारा Sakshi Rai अनामिका - 1 द्वारा Vandna Sharma भीड़ में अकेली - 1 द्वारा Alok Mishra झूठ का बोझ - भाग 2 द्वारा deepanshi garg अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी