कहानी "उगते नहीं उजाले" में लाजो, जो एक लोमड़ी है, बहुत उदास है और चाहती है कि कोई उसके दिल की बात सुने। उसे बख्तावर नाम का खरगोश मिलता है, जो उसकी चिंता करता है। लाजो बताती है कि उसने पास के पार्क में बच्चों की बातें सुनी, जिनमें उन्होंने उसे चालाक और अंगूर खट्टे कहकर मजाक उड़ाया। लाजो को यह बात बुरी लगती है क्योंकि वह सोचती है कि लोग आज भी लोमड़ियों को गलत समझते हैं। बख्तावर लाजो को समझाता है कि बच्चे पुरानी कहानियों के आधार पर ऐसा कहते हैं। लाजो का मन है कि वह जानवरों की छवि को बदलने का काम करेगी ताकि कोई उनके जंगल पर उंगली न उठा सके। वह बख्तावर से मदद मांगती है, जो सहमति देता है लेकिन चेतावनी भी देता है कि ज्यादा चालाकी न करे। कहानी में लाजो की उदासी और अपनी पहचान को सही साबित करने की कोशिश दर्शाई गई है। उगते नहीं उजाले Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी लघुकथा 1.5k 3.4k Downloads 7.9k Views Writen by Prabodh Kumar Govil Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लाजो आज सुबह से ही बहुत उदास थी। उसका मन किसी भी काम में न लग रहा था। वह चाहती थी कि अपने दिल की बात किसी न किसी को बताये, तो उसका बोझ कुछ हल्का हो। लाजो लाजवंती लोमड़ी का नाम था। संयोग से थोड़ी ही देर में बख्तावर खरगोश उधर आ निकला। वह शायद किसी खेत से ताज़ी गाज़र तोड़ कर लाया था जिसे पास के तालाब पर धोने जा रहा था। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी