नारा Saadat Hasan Manto द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

नारा

Saadat Hasan Manto मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

उसे यूं महसूस हुआ कि इस संगीन इमारत की सातों मंज़िलें उस के काँधों पर धर दी गई हैं। वो सातवें मंज़िल से एक एक सीढ़ी करके नीचे उतरा और तमाम मंज़िलों का बोझ उस के चौड़े मगर दुबले ...और पढ़े


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