ना मुकम्मल तहरीर Saadat Hasan Manto द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

ना मुकम्मल तहरीर

Saadat Hasan Manto मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

मैं जब कभी ज़ेल का वाक़िया याद करता हूँ, मेरे होंटों में सोईयां सी चुभने लगती हैं। सारी रात बारिश होती रही थी। जिस के बाइस मौसम ख़ुनुक होगया था। जब मैं सुबह सवेरे ग़ुसल के लिए होटल से ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प