इस कहानी में एक व्यक्ति चाय की तलब में एक बस के सफर के दौरान एक छोटे से गांव के चाय की दुकान पर रुकता है। वहां एक वृद्ध महिला चाय बना रही होती है, जो अपने जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों के बारे में बताती है। वह एक शिक्षक की बेटी थी और अच्छे परिवार से थी, लेकिन जल्दी शादी और पति की समस्याओं के कारण उसे चाय की दुकान चलानी पड़ी। उसका पति अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसने अपनी पत्नी को हमेशा खुश रखने की कोशिश की। महिला अपने परिवार के सदस्य के नाती को पढ़ाई के लिए भेजने की कोशिश करती है, लेकिन गांव में किसी की मदद नहीं मिलने के कारण उसे अपने साथ काम पर ले आई है। कहानी में नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच के अंतर और जीवन की कठिनाइयों को दर्शाया गया है। गोर्की देव का मुरब्बा (कहानी) Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 12.4k 3.4k Downloads 11k Views Writen by Prabodh Kumar Govil Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 'सच में, नई पीढ़ी हमसे बहुत अच्छी है।इसे कम से कम हमारी जैसी लत तो नहीं है कि इतने बजे पेप्सी चाहिए, इतने बजे पिज़्ज़ा ! हमें देखो, चार बजे नहीं कि बस,चाय चाहिए। ऐसी तलब लगती है कि न मिले तो सिर फटने लगता है। दिमाग़ भिन्ना जाता है।' सोच ही रहा था पर क़िस्मत अच्छी थी कि थोड़ी ही देर में जंगल भरे रास्ते को चीरती बस एक ऐसी जगह पर आ रुकी, जहां छोटी-मोटी दो चार दुकानों के साथ एक पेड़ के नीचे चाय की गुमटी भी थी। मुझे मानो मन की मुराद मिल गई।मुुुझे इससे कोई More Likes This पवित्र बहु - 18 द्वारा archana बारिशवाला प्यार - 2 द्वारा Radha राहें - 11 द्वारा shiromani mathur द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 द्वारा kanta सीक्रेट:वो लड़की - 3 द्वारा kanta पांच वादों की दुल्हन - भाग 1 द्वारा kanta अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp divine अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी