कहानी "शांतनु" में मुख्य पात्र शांतनु और अनुश्री के बीच की बातचीत और उनके बीच का आकर्षण दर्शाया गया है। शांतनु अनुश्री की सुंदरता से प्रभावित हो जाता है, विशेषकर उसके शरीर के एक हिस्से को देखकर। वह अनुश्री की ओर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि अनुश्री मेन्यू कार्ड देख रही होती है। अनुश्री ध्यान देने के लिए शांतनु को बुलाती है, लेकिन वह अपनी सोच में खोया रहता है। शांतनु पहले से ही किसी सुंदर स्त्री के प्रति आकर्षण का अनुभव कर चुका है, लेकिन अनुश्री के प्रति उसका आकर्षण अलग है, क्योंकि उसे लगता है कि अनुश्री एक दिन उसकी होगी। अनुश्री अंततः शांतनु का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल होती है और उसे अपनी पसंद के बारे में पूछती है। शांतनु उस स्थिति से बाहर निकलने की कोशिश करता है, लेकिन उसकी सोच अभी भी अनुश्री की सुंदरता में खोई हुई है। कहानी में युवा प्रेम और शारीरिक आकर्षण के जटिल भावनाओं को दर्शाया गया है, जिसमें दोस्ती और आकर्षण के बीच के द्वंद्व को चित्रित किया गया है। शांतनु - १७ Siddharth Chhaya द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 21.6k 1.9k Downloads 4.4k Views Writen by Siddharth Chhaya Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शांतनु लेखक: सिद्धार्थ छाया (मातृभारती पर प्रकाशित सबसे लोकप्रिय गुजराती उपन्यासों में से एक ‘शांतनु’ का हिन्दी रूपांतरण) सत्रह शांतनु का ध्यान अनुश्री की ब्रेसियर से चिपके हुए कुर्ते से दिख रहे, किसी भी पुरुष के स्वप्न में आनेवाले वक्षस्थल पर गया| अनुश्री मेन्यु कार्ड देखने में व्यस्त थी और शांतनु को उसके गुलाबी कुर्ते के पीछे छिपा उसका सफ़ेद अंत:वस्त्र स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था| अनुश्री को इस हालत में देख कर कोई भी पुरुष पागल हो सकता था, शांतनु को तो यह सब अचानक ही भेंट में मिल गया था| शांतनु का ध्यान अब वहां चिपक Novels शांतनु शांतनु मातृभारती पर इसी नाम से अत्यंत लोकप्रिय साबित हुए गुजराती उपन्यास का हिन्दी रूपांतरण है इस उपन्यास में एक तरफ़ा प्रेम और दोस्ती की ऊंचाईयों को... More Likes This माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Shanaya khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी