कहानी "सड़कछाप" में अमरेश की पढ़ाई में बहुत कमी है और उसके जीवन में दुख और संवेदना का समय खत्म हो चुका है। लल्लन की मौत ने स्थायी दुख पैदा किया था, लेकिन अब उसके प्रति सहानुभूति खत्म हो चुकी है। लल्लन की मौत को लेकर पुलिस की रिपोर्ट ने स्थिति को और भी मजाकिया बना दिया है, यह बताते हुए कि लल्लन ने अपनी मौत को खुद निमंत्रण दिया था। उसने पुलिस के मुखबिर के रूप में काम किया और इस कारण उसकी मृत्यु के बाद भी उसे दोषी माना जा रहा है। गांव में उसे नचनिया कहा जाता था, और उसकी कर्तुतियों के लिए लोग उसके परिवार से बदला ले रहे हैं। अमरेश और सरोजा अब सहानुभूति से वंचित हैं। सड़कछाप - 3 dilip kumar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 32.2k 4.1k Downloads 10.4k Views Writen by dilip kumar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अमरेश की पढ़ाई ना के बराबर चल रही थी। दुख और संवेदना का समय बीत चुका था। लल्लन की मौत बेशक एक स्थायी दुख था लेकिन उसकी मृत्यु से उपजी सहानुभूति अब समाप्त हो चुकी थी। जिंदगी की कड़वी सच्चाइयों से अब सामना था। जिंदगी के अभाव रोज के रोज डसते थे। पुलिस की रिपोर्ट भी मख़ौल उड़ाने में काफी कारगर थी। तो गालिबन अब मसला ये था कि लल्लन शुक्ला ने अपनी मौत को खुद दावत दी थी। उन्होंने लालच में मुखबिरी की और फिर हथियार लेकर भुर्रे से निपटने चले थे सो उन्हें उनका अंजाम मिला। ये भी खबर अब आम थी कि लल्लन शुक्ला पहले से पुलिस के मुखबिर थे। गांव उन्हें नचनिया पहले से कहता था ऊपर से मुखबिरी की बात ने मृत्यु के बाद भी उनके दोषों का बढ़ा दिया था। और जब दोषी खुद भगवान को प्यारा हो जाये तो पृथ्वी पर लोग उनके अपनों से इस बात का बदला ले रहा था। अमरेश और सरोजा के हिस्से में अब कोई सहानभूति ना थी। Novels सड़कछाप सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी