भोलू और गामा दो मेहनती भाई हैं। भोलू एक कलाईगर है जो दिनभर शहर की गलियों में काम करता है, जबकि गामा एक ख्वांचा फरोश है जो शराब का आदी है। भोलू गामा को शराब की लत छोड़ने की सलाह देता है, लेकिन गामा उसकी बातों को नजरअंदाज कर देता है। दोनों भाई एक सर्वेंट क्वार्टर में रहते हैं, जहाँ गर्मियों में गामा को अपनी पत्नी के लिए समस्या होती है क्योंकि वहाँ पर्दे की व्यवस्था नहीं है। एक अन्य व्यक्ति, कल्लन, अपनी पत्नी के लिए एक टाट का पर्दा लगाता है, और भोलू गामा की मदद करता है ताकि वे भी अपनी जगह पर पर्दा बना सकें। इस तरह, वे अपनी जीवन की कठिनाइयों का सामना करते हैं। नंगी आवाज़ें Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 34.4k 6.1k Downloads 23.4k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भोलू और गामा दो भाई थे। बेहद मेहनती। भोलू क़लई-गर था। सुबह धौंकनी सर पर रख कर निकलता और दिन भर शहर की गलीयों में “भाँडे क़लई करा लो” की सदाएं लगाता रहता। शाम को घर लौटता तो इस के तहबंद के डब में तीन चार रुपये का करयाना ज़रूर होता। Novels मंटो की श्रेष्ठ कहानियाँ - 2 दो तीन रोज़ से तय्यारे स्याह उक़ाबों की तरह पर फुलाए ख़ामोश फ़िज़ा में मंडला रहे थे। जैसे वो किसी शिकार की जुस्तुजू में हों सुर्ख़ आंधियां वक़तन फ़वक़तन किसी... More Likes This हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी