ठाकुर संग्राम सिंह एक उदार जमींदार थे जो गांव में बहुत सम्मानित थे। वे गांव के सुख-दुख का ध्यान रखते थे। गांव के बाहर एक गरीब परिवार, जिसमें रग्घू, उसकी पत्नी रधिया और उनकी दो बेटियां छुटकी और झुमकी शामिल थे, दयनीय स्थिति में रह रहा था। रधिया कूड़े से बेचने योग्य चीजें इकट्ठा करके परिवार का पालन-पोषण करती थी। बच्चों ने कभी अच्छे खाने का नाम भी नहीं सुना था। संग्राम सिंह के पोते के जन्म पर उन्होंने पूरे गांव को दावत दी। गांव में किसी के घर खाना नहीं बनाने का आदेश दिया गया। रधिया के बच्चों ने दावत के बारे में सवाल पूछे, जिससे रधिया परेशान हो गई। अगले दिन, रधिया डरते-डरते अपनी बेटियों के साथ दावत में गई और जमीन पर बैठ गई। संग्राम सिंह ने उन्हें देखा और पूछा कि वे जमीन पर क्यों बैठे हैं। रधिया ने डरते हुए बताया कि उनके पति बीमार हैं। संग्राम सिंह ने उन्हें बिछावन पर बैठकर खाना खाने को कहा और रधिया ने दावत में शामिल होकर खाने का आनंद लिया, जिसमें सब्जी, पूड़ी, रायता और लड्डू शामिल थे। दास्ताने दावत,, Nirpendra Kumar Sharma द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 3.4k 2k Downloads 6.1k Views Writen by Nirpendra Kumar Sharma Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ठाकुर संग्राम सिंह बहुत उदार जमींदार थे। सारे गांव में उनको बहुत आदर सम्मान मिलता था।संग्राम सिंह जी भी सारे गांव के सुख दुख में विशेष ध्यान रखते। उसी गांव के बाहर कुछ दिन से एक गरीब परिवार आकर ,झोंपडी बना कर रह रहा है ,पता नहीं कहाँ से किन्तु बहुत दयनीय अवस्था मे थे सब। परिवार में एक बीमार आदमी रग्घू उसकी पत्नी रधिया , दो बेटियां छुटकी और झुमकी। बेचारी रधिया गांव के कूड़े से प्लास्टिक धातु ओर अन्य बेचने योग्य बस्तुएं बीन कर कबाड़ी को बेचती थी। बामुश्किल एक समय का बाजरा, जुआर अथवा संबई कोदो जुटा More Likes This आजादी - 1 द्वारा Kuldeep singh सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey बलवीर की बल्ली - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी