**शांतनु** कहानी में, शांतनु ने ज्वलंतभाई को बताया कि वह रविवार को अनुश्री के घर जाने का कार्यक्रम बना रहा है। ऑफिस पहुंचकर उसे अनुश्री का मेसैज मिलता है कि वह आराम कर रही है और छुट्टी पर है। शांतनु थोड़ी निराश होता है, लेकिन खुद को ढाढस बंधाता है। जब वह कॉम्प्लेक्स के बाहर पहुंचता है, तब उसका दोस्त अक्षय उससे मिलता है और दोनों की बातचीत होती है। अक्षय शांतनु से रिपोर्ट मांगता है, लेकिन शांतनु आत्मविश्वास के साथ अपनी बातें साझा करता है। शांतनु और अनुश्री के बीच की नज़दीकी बढ़ी है और उन्होंने एक-दूसरे के साथ अपनी ज़िंदगी की छोटी-छोटी बातें साझा की हैं। कहानी में शांतनु का उत्साह और प्रेम की खुशी उसकी बातचीत में झलकती है, और वह अपने दोस्त को बताता है कि वह इस रविवार को अनुश्री के घर चाय नाश्ते पर जाने वाला है। इस प्रकार, कहानी प्यार, दोस्ती और रिश्तों की मजबूती को दर्शाती है। शांतनु - १६ Siddharth Chhaya द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 11.8k 1.4k Downloads 2.7k Views Writen by Siddharth Chhaya Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज और रविवार के बीच तिन दिन और थे, इन तिन दिनों में शांतनु और अनुश्री ऑफ़िस पर हर रोज़ मिले और वोट्स अप पर भी देर रात तक एक दूसरे से चैट करते रहे और आख़िरकार रविवार भी आ गया, शांतनु सुबह से ही शाम होने का इन्तज़ार करने लगा धीरे धीरे शाम भी हो गई और शांतनु और ज्वलंतभाई पिछले दिन तय किये हुए समय पर अनुश्री के घर पहुंचे...अनुश्री के मम्मा और सुवास ने ज्वलंतभाई और शांतनु का उस दिन अनुश्री को संभाल लेने के लिये दिल से उनका धन्यवाद किया तो ज्वलंतभाई और शांतनु ने भी उन्हों ने जो किया वो उनका फर्ज़ बताया अनुश्री तो जैसे ज्वलंतभाई को सालों से जानती हो वैसे उनकी बगल में बैठ गयी और उनके बारे में उनके घर के बारे में अपने मम्मा और सुवास को बताने लगी Novels शांतनु शांतनु मातृभारती पर इसी नाम से अत्यंत लोकप्रिय साबित हुए गुजराती उपन्यास का हिन्दी रूपांतरण है इस उपन्यास में एक तरफ़ा प्रेम और दोस्ती की ऊंचाईयों को... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी