कर्मवीर दो वर्षों बाद अपने गाँव लौटता है और देखता है कि गाँव में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ है। अधिकांश लोग रोजगार के लिए शहर चले गए हैं, जिससे गाँव की खुशहाली कम हो गई है। कर्मवीर यह ठान लेता है कि वह गाँव के लोगों को बाहर जाने से रोकेगा और गाँव को फिर से खुशहाल बनाने के लिए प्रयास करेगा। वह अब जवान हो चुका है और लोगों में महावीर सिंह की छवि के रूप में नजर आता है। वह गाँव की समस्याओं की एक सूची बनाता है और गाँव वालों से मिलने लगता है। उसके बाबूजी उसकी प्रगति से खुश हैं। कर्मवीर बताता है कि वह घर पर बैठकर प्राइवेट नौकरी कर रहा है और तकनीक के विकास से काम करना आसान हो जाएगा, लेकिन लोग उसकी बातों को मजाक में लेते हैं। कर्मवीर को पता चलता है कि उसके विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है और पिछले दस वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। अब वह इस समस्या के समाधान के लिए विद्यालय के शिक्षकों से मिलने जाता है। कर्मवीर - 8 vinayak sharma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.7k 3.7k Downloads 8.1k Views Writen by vinayak sharma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कर्मवीर दो वर्षों बाद अपने गाँव आया था। उसे गाँव ज्यादा बदला हुआ नहीं दिखा। गाँव में उसे कोई तरक्की नहीं दिखी। रास्ते में सडक पर के कुछ गाँव में उसने देखा था कि कुछ पक्के मकान भी थे लेकिन उसके गाँव में स्थिति जस की तस बनी हुई थी। पूछने पर पता चला कि गाँव की बहुतायत आबादी शहर की ओर पलायित हो चुकी है। वहीं रोजगार करती है और अपना पेट भरती है। उसने शहरों में गाँव से जाने वाले मजदूरों की जिंदगी देख राखी थी उसने बस अब ये ठान लिया कि अब वो जो भी गाँव के लोगों को बाहर नहीं जाने देगा और अपने गाँव को फिर से वो उतना ही खुशहाल बनाएगा जैसे वो पहले था। समय के साथ उसका गाँव अपने आप को बदल नहीं पाया इसलिए उसके गाँव से खुशहाली जाती रही। Novels कर्मवीर आज की सुबह महावीर सिंह के लिए सबकुछ बदलने वाली सुबह थी। सबकुछ पहले जैसा ही था। सूरज भी पूरब से ही निकला था, मुर्गे ने भी बांग दिया था। चिड़िया भी उसी त... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी