"दूदा पहलवान" की कहानी एक खूबसूरत लड़के, सलाहू, के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अमीर परिवार से है और स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। उसका जीवन संघर्ष और लड़ाईयों से भरा हुआ है, जिसमें कई लोग मारे जाते हैं। सलाहू को अपने चारों ओर सुरक्षा की जरूरत थी, जिसके लिए उसने दूदा पहलवान से दोस्ती की। दूदा, गरीब और बद-मिजाज होते हुए भी, सलाहू का सच्चा दोस्त बन गया। सलाहू की ज़िंदगी में तब बदलाव आया जब उसके पिता की मृत्यु हो गई, जिससे वह अपनी संपत्ति का एकमात्र मालिक बन गया। उसने अपनी संपत्ति को नष्ट करना शुरू किया और हीरा मंडी की तवाइफों के साथ संबंध बनाने लगा। उसकी खूबसूरती के कारण, कई तवाइफें उसकी ओर आकर्षित हुईं। दूदा पहलवान, जो सलाहू से उम्र में बड़ा था, जानता था कि सलाहू का यह जीवनशैली लंबे समय तक नहीं चलेगी। वह हीरा मंडी की खतरनाक दुनिया को समझता था लेकिन सलाहू को कोई सलाह नहीं देता, क्योंकि वह जानता था कि सलाहू की मुसीबतों से उसे कोई नहीं बचा सकता। इस प्रकार, कहानी दोस्ती, खूबसूरती और नाशवान जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। दूदा पहलवान Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 25.2k 4.7k Downloads 14.6k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण स्कूल में पढ़ता था तो शहर का हसीन तरीन लड़का मुतसव्वर होता था। उस पर बड़े बड़े अमर्द परस्तों के दरमियान बड़ी ख़ूँख़्वार लड़ाईयां हुईं। एक दो इसी सिलसिले में मारे भी गए। वो वाक़ई हसीन था। बड़े मालदार घराने का चश्म ओ चराग़ था इस लिए उस को किसी चीज़ की कमी नहीं थी। मगर जिस मैदान वो कूद पड़ा था उस को एक मुहाफ़िज़ की ज़रूरत थी जो वक़्त पर उस के काम आसके। शहर में यूं तो सैंकड़ों बदमआश और गुंडे मौजूद थे जो हसीन ओ जमील सलाहू के एक इशारे पर कट मरने को तय्यार थे, मगर दूदे पहलवान में एक निराली बात थी। वो बहुत मुफ़लिस था, बहुत बद-मिज़ाज और अख्खड़ तबीयत का था, मगर इस के बावजूद उस में ऐसा बांकपन था कि सलाहू ने उस को देखते ही पसंद कर लिया और उन की दोस्ती होगई। Novels मंटो की श्रेष्ठ कहानियाँ - 2 दो तीन रोज़ से तय्यारे स्याह उक़ाबों की तरह पर फुलाए ख़ामोश फ़िज़ा में मंडला रहे थे। जैसे वो किसी शिकार की जुस्तुजू में हों सुर्ख़ आंधियां वक़तन फ़वक़तन किसी... More Likes This चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी