कर्मवीर का विद्यालय में पहला दिन है। उसके पिता, महावीर सिंह, उसे स्कूल लेकर आए हैं और मास्टर जी से बातचीत कर उसे शिक्षा और जीवन के व्यवहार के बारे में सिखाने की जिम्मेदारी सौंपते हैं। महावीर सिंह ने मास्टर जी को आश्वस्त किया कि वे कर्मवीर का ध्यान रखेंगे। कर्मवीर अपने पिता से यह जिद करता है कि वे उसे अकेला छोड़कर न जाएं, जिसके बाद वे मास्टर जी के साथ बरामदे में रहते हैं। जब कर्मवीर को यह यकीन होता है कि उसके पिता उसे छोड़कर नहीं जाएंगे, तब वह स्कूल के मैदान को देखता है और वहाँ खेल रहे बच्चों के बारे में सवाल करता है। वह पूछता है कि क्या इस मैदान में फसल उग आएगी, जिस पर उसके पिता जवाब देते हैं कि यह बच्चों के खेलने के लिए है। मास्टर जी भी उसे समझाते हैं और उसके सर पर हाथ फेरते हैं। यह पहला दिन कर्मवीर के लिए नई सीख और अनुभव का दिन है। कर्मवीर - 3 vinayak sharma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 25.2k 3.7k Downloads 12.1k Views Writen by vinayak sharma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कर्मवीर के विद्यालय का आज पहला दिन था। महावीर सिंह उसे अपने साथ लेकर आये थे। महावीर सिंह ने मास्टर साहब से जाकर खुद बात की और ये बताया कि इसे किताबी शिक्षा के साथ साथ दुनियादारी का ज्ञान भी दिया जाना चाहिए। उसे बताया जाना चाहिए कि किस व्यक्ति के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है। बड़ों के साथ कैसे मिलना और छोटों से कैसे बात करनी है। ये सब अगर विद्यालय में भी बताया जायेगा तो उसके चरित्र का निर्माण बेहतर ढंग से होगा। मास्टर जी ने भी महावीर सिंह को ये आश्वस्त कर दिया कि अब कर्मवीर के शिक्षा के पूरी जिम्मेदारी उनपर है, वो बहुत ही अच्छे से उसका ख्याल भी रखेंगे और पढाई भी करवाएंगे। किसी भी शिकायत का कोई भी मौका नहीं आएगा। Novels कर्मवीर आज की सुबह महावीर सिंह के लिए सबकुछ बदलने वाली सुबह थी। सबकुछ पहले जैसा ही था। सूरज भी पूरब से ही निकला था, मुर्गे ने भी बांग दिया था। चिड़िया भी उसी त... More Likes This RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी