यह कहानी एक चिड़िया के साहस और इच्छाशक्ति के बारे में है। जब एक शिकारी ने चिड़िया को पकड़ने का फैसला किया, तो चिड़िया डर गई। इस परिस्थिति में, चिड़िया के साहस और उड़ान की क्षमता पर प्रकाश डाला गया है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ, हम किसी भी संकट का सामना कर सकते हैं। स्वाभिमान - लघुकथा - 56 Upasna Siag द्वारा हिंदी लघुकथा 19.5k 1.3k Downloads 3.7k Views Writen by Upasna Siag Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जब से बहेलिये ने चिड़िया को अपना कर देख भाल करने का फैसला किया है तभी से चिड़िया सहमी हुई तो थी ही, लेकिन में विचारमग्न भी थी । वह कैसे भूल जाती बहेलिये का अत्याचार - दुराचार । उसने ना केवल उसके 'पर' नोच कर उसे लहुलुहान किया बल्कि उसके तन और आत्मा को भी कुचल दिया था। More Likes This ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी