कहानी "स्वाभिमान" में रवि और उसके चचेरे भाई अरविन्द के बीच पैसे को लेकर विवाद है। रवि ने अरविन्द को तीन साल पहले दो लाख रुपये उधार दिए थे, लेकिन जब वह पैसे वापस मांगता है, तो अरविन्द अपमानजनक तरीके से फोन काट देता है, जिससे रवि परेशान हो जाता है। सिग्नल पर रुकते समय, रवि एक कटी हुई बाजू वाले बच्चे से पेन खरीदता है और उसे सौ रुपये देता है। बच्चा मेहनत कर पैसे लौटाने के लिए दौड़ता है, जिससे रवि उसकी चिंता करता है। बच्चा बताता है कि वह मेहनत से कमाता है और मुफ्त का पैसा नहीं लेना चाहता, जो उसके स्वाभिमान को दर्शाता है। कहानी का दूसरा भाग "रंगमंच" में दीपा और रमेश के बीच की बातचीत को दर्शाता है, जहाँ दीपा रोते हुए मदद की गुहार लगाती है, लेकिन रमेश का हाथ नहीं रुकता। यह भाग अधूरा है। स्वाभिमान - लघुकथा - 52 Vinita Rahurikar द्वारा हिंदी लघुकथा 5.9k 1.8k Downloads 7.9k Views Writen by Vinita Rahurikar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “क्या भाई साहब आपके लिए रिश्तों से बढकर पैसा हो गया? कैसा जमाना आ गया है. सब अपने स्वार्थ में ऐसे डूबे हैं की किसी की परेशानियों से तो लेना-देना ही नहीं रहा...खा थोड़े ही न रहा हूँ आपका पैसा कर दूँगा वापस. हद है इतनी बार आपको बताया लेकिन आप हैं की तकाजे पर तकाजा किये ही जा रहे हैं...” More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी