मैं अपने गाँव में गर्मी की छुट्टियों में गया था और वहाँ मैंने अपने बड़े बाबूजी से सुना कि उनकी मोटर बाईक के दुर्घटना में मौत हो गई है। इस समाचार ने मुझे पुरानी यादों में डुबो दिया। मेरे पिता, श्रीनाथ सिंह, एक नास्तिक और समाजसेवी व्यक्ति थे, जिन्होंने भगत सिंह और जयप्रकाश नारायण से प्रेरणा ली। उन्होंने बिना दहेज के विवाह किया और समाज सुधार के लिए अनेक शादियाँ करवाईं। मेरे पिता के मित्रों का समूह भी नास्तिक था और समाज सेवा में लगा रहता था। वे भगवान के प्रति गुस्से में थे, क्योंकि वे समझते थे कि ईश्वर समाज में हो रही बुराइयों को क्यों नहीं रोकता। 1989 में, मैंने देखा कि एक युवा व्यक्ति, प्रमोद तिवारी, मेरे पिता के मित्रों के बीच बैठा था और ईश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहा था। मेरे पिता और उनके मित्र उसका मजाक उड़ा रहे थे। प्रमोद ने बताया कि उसे रोज ईश्वर के दर्शन होते हैं। धीरे-धीरे, प्रमोद और मेरे पिता के बीच सम्मान का रिश्ता विकसित हुआ, हालाँकि उनके विचार अलग थे। प्रमोद को लोग "मृत योगी" के नाम से जानते थे, क्योंकि वह छोटी उम्र में तीन दिन के लिए मृतप्राय हो गए थे, लेकिन फिर अचानक उठ खड़े हुए। यह कहानी प्रमोद की जीवन यात्रा और मेरे पिता के विचारों के संघर्ष को दर्शाती है। एक योगी की मौत Ajay Amitabh Suman द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 8.4k 2.3k Downloads 8.1k Views Writen by Ajay Amitabh Suman Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मैं अपने गाँव गर्मी की छुट्टियों में गया हुआ था. अपने बड़े बाबूजी से उनके बारे में पूछा तो ज्ञात हुआ उनकी मोटर बाईक के दुर्घटना में मौत हो गई है. एक एक करके मेरे मानस पटल पे पुरानी सारी स्मृतियाँ चिन्हित होने लगी. मेरे पिताजी श्रीनाथ सिंह आशावादी घनघोर नास्तिकता वादी विचारधारा से प्रभावित व्यक्ति रहे हैं. उनके अनुसार समाज और व्यक्ति की सेवा हीं सर्वोपरि है. भगत सिंह से काफी प्रभावित रहें हैं. बिहार के छपरा जिले में दाउदपुर रेलवे स्टेशन से लगभग चार किलोमीटर दूर मेरा गाँव कोहड़ा बाज़ार है जहाँ पे उन्होंने अपने शिक्षक के पद More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी