यह लघुकथा "शंकर की वापसी" शंकर के तबादले की खबर के चारों ओर घूमती है, जो साहब के अन्याय और दमनकारी व्यवहार का विरोध करता था। शंकर के जाने के बाद, बड़े बाबू को साहब के अपमान का सामना करना पड़ता है, और अन्य कर्मचारी उसकी स्थिति पर सहानुभूति महसूस करते हैं लेकिन साहब के क्रोध और नौकरी के डर के कारण चुप रहते हैं। एक दिन, बड़े बाबू साहब के सामने खड़े होकर साहस दिखाते हैं और सभी कर्मचारियों को अपमान सहने या साहब के खिलाफ खड़े होने का चुनाव करने के लिए प्रेरित करते हैं। वह भूख-हड़ताल की धमकी देते हैं, यह कहते हुए कि स्वाभिमान सबसे महत्वपूर्ण है। इस स्थिति से सभी को शंकर की याद आती है और उन्हें लगता है कि बड़े बाबू में अब वही साहस आ गया है जो पहले शंकर में था। स्वाभिमान - लघुकथा - 45 SURENDRA ARORA द्वारा हिंदी लघुकथा 3.3k 2.2k Downloads 8.5k Views Writen by SURENDRA ARORA Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शंकर के तबादले की खबर आग की तरह सारे दफ्तर में फ़ैल गयी. शंकर, साहब की आँख की किरकिरी था. वह अकेले दम साहब के पक्षपाती, दमनकारी और गैरकानूनी कामों का विरोध करता था. More Likes This मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी