मेरे पिताजी एक अनुशासन प्रिय शिक्षक थे, जो स्कूल और घर में कठोर नियमों का पालन करते थे। सुबह 5 बजे हम सब बच्चे कसरत और प्रार्थना करते थे, और शाम 5 बजे पढ़ाई के लिए बैठना होता था। पिताजी सिनेमा को पढ़ाई से भटकाने वाला मानते थे, इसलिए हमें सिनेमा जाने की अनुमति नहीं थी। होली के दौरान गाँव में बच्चों द्वारा रंग खेलने का माहौल था, लेकिन मैं पिताजी के डर से रंग नहीं खेल पा रहा था। गुस्से में, मैंने घर छोड़ दिया और एक नीम के पेड़ के नीचे बैठ गया। घर में मेरी अनुपस्थिति से सब चिंतित हो गए। मेरे बड़े पिताजी ने मुझे खोजकर घर लाया। वहाँ मेरी माँ और दादी मेरे लौटने से खुश थीं, जबकि पिताजी थोड़े चिंतित लग रहे थे। शाम को हम सब बड़े लोगों को प्रणाम करते थे। मैंने देखा कि जब मैंने दादी को प्रणाम किया, तो पिताजी वहाँ से हट गए, क्योंकि उन्होंने कभी दादी को प्रणाम नहीं किया था। मैंने पिताजी को आदेश दिया कि वह दादी को प्रणाम करें। इस पर उनके दोस्त हैरान हुए और सबने मेरा समर्थन किया। पिताजी ने हिचकिचाते हुए दादी को प्रणाम किया, और मैंने उन्हें ठीक से प्रणाम करने के लिए कहा। दादी ने कहा कि पोता सही कह रहा है। झुक गया आसमान Ajay Amitabh Suman द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 12k 3k Downloads 20.5k Views Writen by Ajay Amitabh Suman Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरे पिताजी अति अनुशासन प्रिय व्यक्ति रहें है। पेशे से शिक्षक है। स्कूल में भी बहुत अनुशासन प्रिय और योग्य शिक्षक के रूप में उनकी प्रसिद्धि थी।अब सेवनिर्वित्त हो चुके है। उनकी अनुशासन प्रियता घर में भी लागू होती थी।रोज सुबह 5 बजे उठकर हम सब बच्चे कसरत करते, प्रार्थना करते।शाम के 5 बजते हीं हम सब बच्चों को लालटेन के पास पढ़ाई के लिए बैठना होता था। मेरे पिताजी की नजरों में सिनेमा पढ़ाई लिखाई से बच्चों को भटकाता है। अतः किसी भी बच्चों को सिनेमाघर जाने की इजाजत नहीं थी। मुझे याद है होली के समय मेरे गाँव में हुड़दंग का माहौल More Likes This राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी