कहानी "सोशल इंजीनियरिंग" में मोनू, जो बेरोजगार है, अपने पिता बाबू राम कुमार सिंह द्वारा सफाई कर्मचारी की सरकारी नौकरी लेने के लिए दबाव महसूस करता है। बाबू राम कुमार, जो एक वकील हैं, अपने बेटे की नालायकी और बेरोजगारी से परेशान हैं और चाहते हैं कि मोनू इस मौके को न गंवाए, क्योंकि उनका मानना है कि यह नौकरी एक सुरक्षित भविष्य की ओर ले जा सकती है। हालांकि, मोनू इस काम को अपने लिए नीच समझता है और उसके मन में सफाई कर्मचारियों के प्रति घृणा है, जिन्हें वह समाज में नीचा समझता है। वह अपने अतीत की एक घटना को याद करता है जब कुछ लोग उसके घर के सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे थे और उस दृश्य ने उसे तुच्छता का अनुभव कराया। बाबू राम कुमार मोनू की काबिलियत को लेकर निराश हैं और उसकी असफलताओं के बारे में बताते हैं, जिससे मोनू के मन में और भी नफरत और घृणा भर जाती है। कहानी में वर्गभेद, सामाजिक स्थिति और व्यक्तिगत गर्व के मुद्दों को उठाया गया है, जो मोनू को अपने पिता के दबाव और समाज की अपेक्षाओं के खिलाफ खड़ा करता है। सोशल इंजीनियरिंग Rajan Dwivedi द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 702 3k Downloads 19.5k Views Writen by Rajan Dwivedi Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जातीय श्रेष्ठता के मिथ्याभिमान से जूझते एक युवा बेरोजगार की कहानी . More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी